अयोध्या। भगवान श्रीराम की जन्मस्थली अयोध्या पर सनातन धर्म का कीर्तिस्तंभ टिका है। अयोध्या मंदिर-मस्जिद विवाद के चलते परिवर्तन को तरसती रही।
अब पीढ़ियों का संघर्ष राममंदिर निर्माण के रूप में फलीभूत हो रहा है, तो अयोध्या विकास के उस पथ पर भी अग्रसर है, जिसकी कल्पना मात्र से ही मन मुदित हो उठता है। ऐसे में तेजी से बदलती अयोध्या देश-दुनिया के भक्तों को आकर्षित कर रही है।
अयोध्या में पिछले कुछ महीनों में भक्तों की संख्या में कई गुना वृद्धि हुई है। अब अगले एक पखवारे तक एक बार फिर रामनगरी में उत्सवी माहौल होगा। रामनवमी मेले में लाखों भक्त अयोध्या पहुंचते हैं।
अयोध्या अगले एक पखवारे तक उत्सवधर्मिता की केंद्र रहेगी। रामनगरी में रामनवमी पर्व के अवसर पर 22 मार्च से ही कथा, प्रवचन का दौर शुरू हो जाएगा तो अन्य कई अनुष्ठान भी आने वाले दिनों में शुरू होंगे।
02 अप्रैल से चैत्र नवरात्र के शुभारंभ के साथ ही रामनवमी मेले का भी श्रीगणेश होगा। जहां अयोध्या के देवी मंदिर भक्तों से गुलजार होंगे तो रामनवमी पर्व पर लाखों भक्तों की भीड़ अयोध्या दर्शन-पूजन को पहुंचेगी।
अयोध्या मंदिर-मस्जिद विवाद के चलते सदियों तक संतप्त रही। फिर 2019 में वह गौरवशाली क्षण आया जिसका सदियों से इंतजार था। 9 नवंबर 2019 को राममंदिर के हक में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आते ही पूरा देश खुशी से झूम उठा।
यह आदेश न सिर्फ टेंट में विराजमान रामलला की रिहाई का आदेश था बल्कि संतप्त अयोध्या की भी आजादी की शुरूआत थी। इसके बाद पांच अगस्त 2020 को पीएम नरेंद्र मोदी रामजन्मभूमि परिसर में राममंदिर निर्माण की आधारशिला रखी तो इसी दिन अयोध्या के नवनिर्माण की भी नींव पड़ गई।
राममंदिर निर्माण शुरू हुए करीब डेढ़ वर्ष बीत गए हैं। इस बीच कोरोना काल ने भक्तों के पैर थाम रखे थे, लेकिन अब देश-दुनिया के भक्त अयोध्या आने को बेसब्र हैं।
केंद्र व प्रदेश सरकार की ओर से हजारों करोड़ की योजनाएं अयोध्या को दी गई हैं, जिनसे न सिर्फ रामनगरी की पौराणिकता निखरेगी बल्कि अत्याधुनिक सुविधाओं से भी अयोध्या लैस होगी।
इस बदलाव के साथ-साथ राममंदिर निर्माण का साक्षी बनने के लिए प्रतिदिन हजारों भक्त अयोध्या पहुंच रहे हैं। पर्व व त्योहारों पर अयोध्या में लाखों भक्तों की भीड़ आ रही है, रामलला के दर्शन की ललक भक्तों में सर्वाधिक दिखती है।
पिछले दो वर्षों में रामनवमी मेला कोरोना की भेंट चढ़ गया था केवल औपचारिता ही रही लेकिन इस वर्ष रामनवमी मेले में आस्था का चरम दिखाई पड़ने की संभावना है।
इस बार रामजन्मभूमि में भव्यतापूर्वक रामजन्मोत्सव मनाने की तैयारी है। रामलला के प्रधान अर्चक आचार्य सत्येंद्र दास ने बताया कि श्रीराम जन्म उत्सव पर पहली बार रामलला को 56 भोग लगाया जाएगा।
वैसे तो दो वर्षों से कई अवसरों पर रामलला को 56 प्रकार के व्यंजनों का भोग लगाया जाता रहा है लेकिन अस्थायी मंदिर में विराजमान रामलला को रामनवमी पर्व पर पहली बार 56 भोग लगाने की तैयारी है।
नौ दिवसीय उत्सव की शुरूआत मंदिर में 02 अप्रैल से हो जाएगी। पूरे मंदिर को भव्यतापूर्वक सजाने की तैयारी है।
इस तरह बदल रही है अयोध्या
- 46.41 करोड़ रुपये से पंचकोसी व चौदहकोसी परिक्रमा मार्ग पर यात्री सुविधाओं का विकास।
- 62 करोड़ से अयोध्या धाम के प्रवेश द्वार के समीप यात्री सुविधाओं का विकास।
- 400 करोड़ से आधुनिक बस अड्डे का उच्चीकरण।
- 256 करोड़ से पार्किंग सुविधाएं, टेढ़ीबाजार, कोशलेश कुंज और जलकल अमानीगंज के सामने।
- 37 करोड़ से चार तलीय मल्टी लेवल कार पार्किंग की सुविधा।
- 132 करोड़ से मंदिर मॉडल पर आधारित रेलवे स्टेशन का नवनिर्माण।
- 09.25 करोड़ से प्राचीन आठ कुंडों का सुंदरीकरण।
- सरयू के मौजूदा घाटों का काया कल्प।
- रामनगरी की सड़कों का चौड़ीकरण।