राममंदिर निर्माण के साथ-साथ अयोध्या के कायाकल्प का भी काम तेज हो गया है। कई हजार करोड़ की योजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है। इन योजनाओं के मूर्त रूप लेते ही रामनगरी अयोध्या विश्वभर के लिए आकर्षण का केंद्र बन जाएगी। छह मई को अयोध्या के दौरे पर आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में चल रहे 19 हजार करोड़ के विकास कार्योँ की समीक्षा के दौरान कार्यों की गति बढ़ाने का निर्देश भी दिया था।
इनका वैदिक विधि से जलशुद्धिकरण एवं संरक्षण किया जा रहा है। नवंबर 22 तक यह कार्य पूरा कर लिया जाएगा। अयोध्या शोध संस्थान का भी अत्याधुनिकरण का काम संचालित है। जून 2022 तक यह काम पूरा हो जाएगा। इसी तरह शहर को मानक मानदंडों के अनुसार विकसित करने व बिजली, पानी, शिक्षा जैसी उन्नत सेवाओं से संतृप्त एकीकृत केंद्र के रूप में विकास करने का कार्य प्रगति पर है। नव्य अयोध्या को भी आकार देने का काम शुरू हो गया है। विकास कार्योँ के लिए टेंडर भी हो चुुके हैं। इसी तरह श्रीराम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, अयोध्या रेलवे स्टेशन, छह स्थानों पर पार्किंग का निर्माण, अयोध्या के 15 वार्डों के गलियों में सड़क एवं नाली का निर्माण कार्य, अयोध्या में रेल ओवरब्रिज सहित कई अन्य योजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है।
राममंदिर निर्माण के साथ ही अयोध्या को विश्वस्तरीय पयर्टन नगरी के रूप में विकसित करने की योजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है। कुछ योजनाएं शीघ्र ही पूरी हो जाएंगी तो कुछ योजनाएं आकार लेना शुरू हो गई हैं। अंतरराष्ट्रीय श्रीराम हवाईअड्डा, रेलवे स्टेशन का कार्य तेजी से चल रहा है। कई हजार करोड़ की योजनाओं से अयोध्या का वैभव निखरेगा। अयोध्या धर्म के साथ-साथ पयर्टन का भी बड़ा केंद्र बनेगी।