अयोध्या। छावनी क्षेत्र में निर्मली कुंड के निकट झाड़ियों में एक साथ 18 हैंड ग्रेनेड मिलने से हड़कंप मच गया। मिलिट्री इंटेलिजेंस की टीम ने सभी ग्रेनेड को डिफ्यूज कराया। बड़ी लापरवाही व सुरक्षा में चूक का अंदेशा होने पर विभागीय जांच भी शुरू की गई है।
छावनी क्षेत्र में सेना की फायरिंग अभ्यास करने से करीब ढाई किलोमीटर की दूरी पर रविवार को संदिग्ध परिस्थितियों में करीब 18 ग्रेनेड बिखरे मिले। सूचना पर पहुंची मिलिट्री इंटेलिजेंस की टीम ने छानबीन की। सभी ग्रेनेड से पिन निकली हुई थी।
टीम ने सभी ग्रेनेड को डिफ्यूज कराया। मिलिट्री इंटेलिजेंस के एक अधिकारी ने बताया कि अमूमन प्रैक्टिस के दौरान मिस होने के बाद उसे फेंका जाता है, लेकिन इस तरह से एक साथ इतने ग्रेनेड कहां से आए, यह जांच का विषय है।
यह ग्रेनेड किस बैच के थे, किसे एलाट किए गए थे, आदि पहलुओं पर टीम जांच कर रही है। छावनी परिषद के राममिलन निषाद ने बताया कि निर्मली कुंड के रहने वाले एक स्थानीय युवक ने इन हैंड ग्रेनेड को देखा था। जिसने मिलिट्री इंटेलिजेंस को सूचित किया था।
प्रभारी निरीक्षक, कैंट रतन कुमार शर्मा ने बताया कि निर्मली कुंड क्षेत्र में ग्रेनेड मिलने की सूचना थी। जिसे मिलिट्री इंटेलिजेंस की टीम ने डिफ्यूज करा दिया है। मामला सेना से जुड़ा है, अधिक जानकारी नहीं है।
सैन्य अभ्यास के स्थलों से अक्सर कबाड़ी भी मिस हुए ग्रेनेड को उठाकर ले जाते हैं। जिससे तांबा निकालकर उससे व्यापार करते हैं। कई बार तांबा निकालने के चक्कर में विस्फोट होने से हादसे भी हुए हैं।
मिलिट्री इंटेलिजेंस के अधिकारियों ने एक अनुमान यह भी है कि हो सकता है कि कबाड़ी इसे बीनकर लाया हो और बाद में भयभीत होकर झाड़ियों में फेंक दिया हो।