डॉक्टर आते नहीं, जिम्मा मेडिकल कॉलेज चलाने का
अयोध्या। मंडलीय अस्पताल पर महाराजा दशरथ मेडिकल कॉलेज चलाने का जिम्मा है, मगर डॉक्टर आते ही नहीं। यह हाल तब है जब सरकार ने यहां प्राचार्य, प्रोफेसर समेत विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती कर दी है।
सोमवार को अस्पताल खुला तो मरीज और तीमारदारों ने सुबह 5:30 बजे ही पहुंचकर नंबर लगाने शुरू कर दिए थे। सुबह नौ बजे मरीजों की भीड़ के बीच सिर्फ एक डॉक्टर मौजूद मिले।
‘अमर उजाला की टीम’ ने सोमवार सुबह नौ बजे अस्पताल का जायजा लिया तो अव्यवस्थाएं उजागर हुईं। ओपीडी में मरीजों की भारी भीड़ थी, लेकिन डॉ. वसी अहमद को छोड़कर कोई भी डॉक्टर मौजूद नहीं मिला।
कई मरीज सुबह से लाइन लगाए डॉक्टर का इंतजार करते दिखे। मेडिकल कॉलेज का हिस्सा बनने के बाद अस्पताल में फैकल्टी के 42 व जूनियर एवं सीनियर रेजिडेंट के 26 डॉक्टरों ने जॉइन कर लिया है, लेकिन अस्पताल की व्यवस्था पुराने ढर्रे पर है।
मेडिसिन डिपार्टमेंट के डॉ. एमके पांडेय, डॉ. पीयूष गुप्ता, डॉ. अरविंद कुमार, डॉ. वीरेंद्र वर्मा, डॉ. सत्यजीत वर्मा, डॉ. प्रदीप जायसवाल सहित अन्य चिकित्सक नदारद मिले। अल्ट्रासाउंड कक्ष बंद मिला।
बाद में आए प्राचार्य प्रोफेसर विजय कुमार ने सभी को समय से ओपीडी में बैठने का निर्देश दिया है। मेडिसिन डिपार्टमेंट का कक्ष संख्या 12 सुबह 09:07 बजे तक बंद था। कोई कर्मचारी भी आसपास नहीं दिखा।
कई मरीज बाहर इंतजार करते हुए मिले। मेडिसिन डिपार्टमेंट के एचओडी डॉ. एमके पांडेय नहीं बैठे थे। सुबह 09:10 बजे मेडिसिन ओपीडी के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. पीयूष गुप्ता की कुर्सी खाली मिली। कमरे का सामान भी बिखरा मिला। साफ-सफाई भी नहीं हुई थी।
ओपीडी के कक्ष संख्या 15 में मेडिसिन डिपार्टमेंट के डॉ. वीरेंद्र वर्मा 09:12 बजे तक मौजूद नहीं मिले। मौके पर मौजूद कर्मी ने बताया कि डॉक्टर आते ही होंगे।
सुबह के 09:17 बजे तक अल्ट्रासाउंड कक्ष बंद था। एक कर्मी ने आकर कुछ देर पहले पर्चा जमा करा लिए, लेकिन जांच कब शुरू होगी, पता नहीं। मरीज सुबह 05:30 बजे से लाइन लगाए बैठे हैं।
अस्पताल में स्थापित आशा ज्योति केंद्र वन स्टाप सेंटर में सुबह के 09:18 बजे तक एक भी कर्मचारी नहीं पहुंचा था। मौजूद चतुर्थ श्रेणी कर्मी ने बताया कि नौ बजे तक सभी कर्मियों को पहुंच जाना चाहिए, आती ही होंगी।
ओपीडी में सुबह 09:20 बजे तक सर्जन डॉ. सत्यजीत वर्मा व डॉ. प्रदीप जायसवाल नहीं बैठे थे। एक चिकित्सक डॉ. वशी अहमद इस कक्ष में मरीजों का इलाज करते मिले। मौजूद कर्मी ने बताया कि डॉक्टर साहब हस्ताक्षर करने गए हैं।
अस्पताल की तीन मंजिला इमारत खड़ी है, लेकिन ऊपर जाने के लिए बनी लिफ्ट साल भर से खराब है। तृतीय तल पर डायलिसिस सेवा संचालित है, ऊपर तक जाने के लिए मरीजों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है।
शाहनेवाजपुर के विजेंद्र ने बताया कि कुत्ते ने काटा है, इलाज के लिए सुबह आठ बजे से खड़े हैं, लेकिन डॉक्टर नहीं बैठे हैं। मसौधा के खमौरा सरैया निवासी राम गोपाल पांडेय ने बताया कि पैर में चोट लगी थी, पर्चा कटाकर डेढ़ घंटे से बैठे डॉक्टर का इंतजार कर रहे हैं।
मधुपुर पगलाभारी निवासी सुनीता देवी ने बताया कि सीने सहित पूरे शरीद में दर्द था, बेहोशी की हालत में सुबह 07:30 बजे यहां पहुंचे, अभी तक डॉक्टर नहीं बैठे हैं।
दर्शननगर की सोनिया यादव ने बताया कि स्त्री रोग विशेषज्ञ को दिखाना था, एक घंटे से बैठे उनका इंतजार कर रहे हैं। सुल्तानपुर निवासी अशोक कुमार ने बताया कि अल्ट्रासाउंड कराने के लिए सुबह 09:30 बजे से बैठे लाइन लगाए हैं, एक कर्मचारी ने पर्चा जमा कराया है।
मेडिकल कॉलेज अयोध्या के प्राचार्य प्रोफेसर विजय कुमार ने कहा कि जल्दी ही सभी चिकित्सकों ने जॉइन किया है। एमसीआई के निरीक्षण की तैयारी की जा रही है।
सभी चिकित्सकों को प्रत्येक दशा में नौ बजे तक ओपीडी में बैठने के लिए कहा गया है। अधिकांश आ गए थे, जो निरीक्षण की तैयारी में लगे थे। इसके अलावा जो समय से नहीं पहुंचेंगे उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।