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उम्र की ढलान , लेकिन हौसले है जवान

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निवाड़ीकला। अगर हौसला और जुनून हो तो उम्र मायने नहीं रखी। 75 वर्षीय महाराज सिंह का बचपन से ही खेलों के प्रति विशेष प्यार रहा है। आज भी वो अपने आपको खेलों से दूर नहीं कर पा रहे हैं।
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महेवा ब्लॉक की ग्राम पंचायत उरैंग के मजरा नगला निवासी महाराज सिंह यादव ने राष्ट्रीय स्तर पर तमाम पदक जीते। उन्होंने बताया कि 1963 में जिलास्तरीय प्रतियोगिता में लंबी कूद में चैंपियन रहे थे। 1964 में प्रयागराज में हुए मंडल स्तरीय मुकाबले में लंबी कूद में प्रथम स्थान पाया था। इसी तरह 1981 में उड़ीसा का प्रतिनिधित्व करते हुए लंबी कूद में स्वर्ण पदक जीता। इसी तरह वर्ष 2018-19 में अलीगढ़ में हैमर में रजत और डिस्कस थ्रो में कांस्य पदक जीता था।
महाराज सिंह के पारिवारिक सदस्य अनुज यादव उर्फ गौरव ने बताया कि बाबा आज भी सैफई में रहकर युवाओं को एथलेटिक्स के गुर बताते रहते है। इच्छुक खिलाड़ियों का मार्गदर्शन भी करते हैं। इस उम्र में भी एक युवा की तरह फुर्तीले हैं। वर्ष 1966 में स्पोर्टस कोटे से टाटा स्टील प्लांट में नौकरी मिल गई। 2006 में भिलाई स्टील प्लांट से सीनियर स्पोर्टस मैनेजर के पद से सेवानिवृत्त हुए।
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महाराज सिंह व उनकी बेटी विमलेश कुमारी में बंगलुरू में वर्ष 1980 में गोला फेंक प्रतियोगिता में एक साथ हिस्सा लिया था। इसमे महाराज सिंह ने गोल्ड मेडल हासिल किया। जबकि विमलेश ने 7 वां स्थान हासिल किया। साल 2018 में वे एक बार चोटिल भी हुए, दो साल बाद स्वस्थ होकर फिर खेल के मैदान में वापसी की। वहीं उनकी बड़ी बेटी विमलेश कुमारी वर्तमान में भारतीय खेल प्राधिकरण एथलेटिक्स की कोच है, जो वर्तमान में सैफई में तैनात है। छोटी बेटी कमलेश कुमारी भी एथलेटिक्स की कोच है, जो लखनऊ में तैनात है। बड़ा बेटा अशोक कुमार फोर्स में है। छोटा बेटा राजेश कुमार बैडमिंटन के कोच है।
बीते वर्ष 2020 में लखनऊ में राष्ट्रीय युवा महोत्सव में महाराज सिंह को इटावा से युवक कल्याण विभाग की तरफ से युवा आदर्श के रूप में लखनऊ भेजा गया था। साल 1969 व 1972 में दो बार श्रीलंका गए। वहां लंबी कूद में रजत, ऊंची कूद में कांस्य पदक जीता।
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