फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बारिश संग सर्दी का सितम, निकल रहा दम

विज्ञापन
विज्ञापन
इटावा। शुक्रवार को धूप निकलने के बाद सर्दी से मिली राहत शनिवार को फिर काफूर हो गई। शाम को बारिश होने से लोग भी फिर सर्दी से कांपने को विवश हो गए। सुबह की शुरुआत कोहरे से होने के बाद बादल छाए रहे।
विज्ञापन

साथ ही कुछ देर के लिए बादलों को चीरकर सूर्यदेव निकले, लेकिन चमक बिखेरने के पहले ही बादलों में छिप गए। दोपहर के बाद शीतलहर चलने से लोग ठिठुरने को विवश हो गए।
हालांकि, बारिश और बदली के बावजूद न्यूनतम तापमान शुक्रवार की अपेक्षा एक डिग्री और बढ़ा। शनिवार को बारिश, बादल और शीतलहर का असर जिला अस्पताल की ओपीडी में भी देखने को मिला।
विज्ञापन

यहां सुबह आठ बजे से दोपहर एक बजे तक 363 मरीज दिखाने आए। इनमें ज्यादातर सर्दी, खांसी, जुकाम के थे। मरीजों की भीड़ न होने से दवा काउंटर पर भी लाइनें नहीं दिखाई पड़ीं।
शीतलहर चलने से जरूरी कार्य होने पर ही लोग घरों से बाहर निकले। उधर, पिछले एक हफ्ते से पड़ रहीं हाड़कंपाऊ सर्दी से ब्रेन स्ट्रोक का खतरा और बढ़ गया है।
मोटापा के शिकार, शुगर के मरीजों को ज्यादा खतरा रहता है। जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. बीके साहू का कहना है कि सर्दियों में ब्रेन स्ट्रोक या दिमाग की नस फटने के मामले बढ़ जाते हैं।
बताया कि ब्रेन स्ट्रोक की समस्या होने पर एक घंटे के अंदर डाक्टर की देखरेख में इलाज शुरू होने पर मरीज को गंभीर स्थिति में जाने से बचाया जा सकता है। ऐसी स्थिति में बुजुर्ग, उच्च रक्तचाप, हृदय रोगी सुबह-शाम सर्दी से बचाव करें और ब्लड प्रेशर चेक करते रहें।
बुजुर्गों को सर्दी के मौसम में ब्रेन स्ट्रोक का खतरा सबसे ज्यादा होता है। कड़ाके की सर्दी में उम्र दराज लोगों के साथ युवाओं के सीने में दर्द की समस्या बढ़ जाती है। ठंड के मौसम में नसें सिकुड़कर सख्त बन जाती हैं।
इससे ब्लड का फ्लो बढ़ता है। बताया कि ब्लड प्रेशर बढ़ने से हार्ट अटैक होने का खतरा बढ़ जाता है। जनवरी माह के दूसरे पखवाड़े की तुलना में सीने में दर्द होने वाले मरीजों की संख्या बढ़ी है।
बारिश से आलू पैदा करने वाले किसान बेहाल
बकेवर/भरथना/महेवा/उदी। शनिवार को भोर से ही होने वाली बारिश ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। गेहूं को छोड़कर सरसों, आलू की फसल में बारिश नुकसानदेह साबित होगी।
शनिवार को हुई बारिश से सरसों के फूल गिर गए, जबकि अधिक नमी होने से आलू में झुलसा रोग लगने की संभावना बढ़ गई है। सुबह करीब चार बजे से बकेवर, लखना, महेवा, निवाड़ी कला, अहेरीपुर समेत आसपास के क्षेत्रों में बारिश हुई।
किसानों का कहना है 10 दिन पहले हुई बारिश से खेतों की नमी अभी खत्म भी नहीं हो पाई थी कि फिर बारिश से फसल पर संकट गहराने लगा है।
किसान बबलू अग्निहोत्री, राजू तिवारी, अनिरुद्ध चतुर्वेदी, मेवालाल आदि का कहना है कि अभी तक आलू की फसल में बहुत अधिक नुकसान नहीं हुआ था, लेकिन बारिश से आलू की फसल में झुलसा रोग लगने की संभावना बढ़ जाएगी।
सर्दी से बचने को आग का मिला सहारा
भरथना/महेवा। क्षेत्र में शनिवार को बारिश और शीतलहर चलने से लोग जगह-जगह अलाव तापते नजर आए। सर्दी का असर के चलते बाजारों में लोगों की कम आवाजाही देखने को मिली।
महेवा क्षेत्र में सुबह 10 बजे तक बारिश का सिलसिला शुरू हो गया था। हालांकि, सूर्यदेव कुछ देर के लिए निकले, लेकिन बाद में फिर बादलों की ओट में छिप गए।
कस्बा महेवा के किसान हरिश्चंद्र पाल ने बताया कि बारिश व तेज हवा से सरसों की फसल को सर्वाधिक नुकसान होगा। किसान संजीव तिवारी ने बताया कि यदि बारिश और अधिक हुई तो आलू की फसल को भी नुकसान से बचाना मुश्किल हो जाएगा।
बारिश से बढ़ी किसानों की चिंता
लवेदी। बारिश ने किसानों के चेहरों पर चिंता की लकीरें बढ़ा दी हैं। सर्द हवाओं ने लोगों को घरों में कैद रहने को विवश कर दिया है। क्षेत्र में किसानों की सरसों की फसल बारिश से कई जगह पर गिर गई।
सप्ताह भर से सर्दी कम होने का नाम नहीं ले रही है। बारिश से किसानों की सरसों, चना, मटर, आलू की फसल को नुकसान होने की आशंका है। मड़ौली के किसान संतोष कुशवाहा कहते हैं कि आलू की फसल में पानी भरने से आलू के सड़ने की संभावना बढ़ गई है।
बारिश से सरसों की फसल गिरने लगी है। इससे भी नुकसान होने से इनकार नहीं किया जा सकता है। कुछ किसानों की आलू की फसल में झुलसा रोग अभी से लगने लगा है। इस बारिश से गेहूूं, बेझर को कोई नुकसान होता नहीं दिख रहा है।
दोपहिया वाहन सवार, कामकाजी लोगों को ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है। सर्दी में ब्रेन स्ट्रोक का खतरा ज्यादा रहता है। नहाते समय पानी को सिर पर न डालकर पहले शरीर पर डालें।
विज्ञापन

डायबिटीज, उच्च रक्तचाप, हृदय रोगी विशेष ध्यान रखें। सिगरेट और शराब का सेवन बिल्कुल न करें। नियमित व्यायाम व प्राणायाम करते रहें और तनाव से दूर रहें।
-डॉ. बीके साहू, वरिष्ठ फिजीशियन, जिला अस्पताल
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें