राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने शुक्रवार की सुबह इटावा जिला कारागार का निरीक्षण किया। इस मौके पर उन्होंने जेल में बंद कैदियों से संवाद भी किया। कहा कि जेल में रह रहे बंदी जब छूटें तो जेल से बाहर जाने के बाद किसी के प्रति मन में दुर्भावना न रखें।
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के तीन दिवसीय इटावा दौरे का आज आखिरी दिन है। सुबह राज्यपाल इटावा जिला कारागार पहुंची और जेल का निरीक्षण किया। इस दाैरान उन्होंने बंदियों से बातचीत भी की।
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बंदियाें को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि जेल में रह रहे बंदी जब छूटें तो जेल से बाहर जाने के बाद किसी के प्रति मन में दुर्भावना न रखें। अच्छा जीवन व्यतीत करें और अपने परिवार की प्रगति के बारे में सोचें। महिला बंदियों को संबोधित करते हुए कहा कि ज्यादा उग्रता के कारण घटनाएं अधिक घटित होती हैं। अब कारागारों में काफी परिवर्तन हुए हैं। बंदियों को भी बहुत सुविधाएं मिल रहीं हैं। पहले जेल में बंदियों को एक ही कोठरी में बंद कर दिया जाता था, परंतु अब ऐसा नहीं है।
राज्यपाल ने जेल में निरुद्ध महिला बंदियों से संवाद कर उनके जेल में आने के संबंध में जानकारी प्राप्त की। जिस पर अधिकांश बंदियों ने बताया कि वे दहेज उत्पीड़न के आरोप में जेल में बंद हैं। उन्होंने महिला बंदियों से कहा कि वे संकल्प लें और सजा की अवधि पूर्ण होने के बाद जब घर जाएं तो अपराध की तरफ न आएं। बल्कि गांव में दूत बनकर यह संदेश दें कि न तो दहेज लेंगे और न दहेज देंगे। इस मौके पर इटावा सदर विधायक सरिता भदौरिया, भरथना विधायक सावित्री कठेरिया, जिलाधिकारी श्रुति सिंह, एसएसपी बृजेश कुमार सिंह, जिला कारागार अधीक्षक राजकिशोर सिंह मौजूद रहे।