इटावा के सैफई में मंगलवार को सुबह फ्रेट कॉरिडोर रेलवे ट्रैक घटनास्थल का निरीक्षण करने पहुंचे रेलवे के डीजीएम कार्यालय दिल्ली ईडी अजय कुमार ने सबसे पहले रेल ट्रैक को साफ करने का निर्देश दिया। जिससे जल्द से जल्द यातायात को बहाल किया जा सके।
उन्होंने मीडिया से बात करते हुए बताया घटना जी सूचना होने के बाद ही माल गाड़ियों को रेलवे लाइन द्वारा निकलना शुरू करा दिया था। जब उनसे मृतक के मुआवजा के बारे में जिक्र किया गया तो उन्होंने कहा 15 हजार रुपये फ्रेट कॉरिडोर द्वारा मृतक के लिए मुआवजा तथा गंभीर घायलों 5 हजार रुपये तथा मामूली को 500 रुपये दिए जाते हैं।
घटनास्थल पर सोमवार देर रात से ही डिब्बों को हटाने के लिए क्रेनें व अन्य मशीनी उपकरण पहुंचना शुरू हो गए था। आगरा से रेलवे की क्रेन मशीन व कानपुर से क्रेन मशीन तथा बुलडोजर मशीन घटनास्थल पर सोमवार रात्रि के समय ही पहुंच गई थी एक मशीन फ्रेट कॉरिडोर के कर्मचारियों द्वारा इटावा से प्राइवेट की गई थी जिससे मलवा हटाना शुरू कर दिया गया था।
जिसके बाद कुछ बकरियों के शव भी मलबे से निकाले गए। सुबह होते ही मलबा हटाने के काम में तेजी आई। सबसे पहले मालगाड़ी के पलटे हुए डिब्बों को हटाने का काम शुरू किया गया। जनरल मैनेजर आगरा संदीप श्रीवास्तव ने बताया कि 4 टीमों द्वारा कार्य किया जा रहा है जिसमें इलेक्ट्रीशियन, मैकेनिकलस, इंजीनियरिंग तथा सिग्नल टीम द्वारा कार्य किया जा रहा है लगभग 500 कर्मचारी आगरा व कानपुर के लगाए गए हैं अति शीघ्र मलवा को हटाकरफ्रेट कॉरिडोर रेलवे ट्रेन चालू करा दिया जाएगा।