निवाड़ीकला। बीते बीस दिनों से जिले में राहगीरों से लूटपाट और पैदल यात्रियों से छीनाझपटी आम बात हो गई है। कौन कब इन लुटेरों और उचक्कों के चंगुल में फंस जाए कोई नहीं जानता। इन घटनाओं में अधिकतर काली पल्सर का प्रयोग तीन बदमाश कर रहे हैं। पुलिस का खौफ न होने की वजह से ये लुटेरे तमंचा लगाकर लगातार वारदातों को अंजाम दे रहे। पुलिस इन्हें पकड़ना तो दूर इनका पता तक नहीं लगा पा रही है। इससे आम लोगों में दहशत है।
24 जनवरी को निवाड़ीकला स्तिथ अनुपम ज्वेलर्स पर बाइकर्स ने 15 पेंडल पार कर दिए थे। पीड़ित ने पुलिस को तहरीर नहीं दी। दूसरी घटना 25 फरवरी को ग्राम अलियापुर में हुई। जिसमें दिनदहाड़े नकदी समेत कुल दस लाख की डकैती कर ली गई। पीड़ित ने मामला दर्ज कराया लेकिन परिणाम कुछ नहीं निकला।
26 फरवरी को अहेरीपुर चौकी क्षेत्र के ग्राम टडबा इस्माइलपुर जा रहे दंपति से उनके आभूषणों की टप्पेबाजी कर ली गई। इस घटना में भी काली पल्सर सवार शामिल थे।
एक मार्च शिवरात्रि के दिन बकेवर थाना क्षेत्र के गुलाबपुरा निवासी नीलेश कुमारी अपने पुत्र अनुराग और पुत्री गुंजन के साथ जनपद औरैया के अछल्दा थाना क्षेत्र के अंधियारी गांव अपने मायके से आ रही थी।
शाम करीब पांच बजे के आसपास जनपद की सीमा में प्रवेश करते ही काली पल्सर सवार तीन बदमाशों ने तमंचा लगाकर लूटपाट कर दी।
एक दरोगा के जिम्मे तीन चौकियां
थाना क्षेत्र बकेवर की तीन प्रमुख चौकियों अहेरिपुर , महेवा और बराऊख की जिम्मेदारी सिर्फ एक उपनिरीक्षक के कंधे पर है। प्रशासन की इसी कमजोरी का फायदा चोर उचक्के उठा रहे हैं और लूटपाट की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं।
जिन घटनाओं में तहरीर दी जा रही है उन्हें पुलिस सुलझा नहीं पा रही।
डेंजर जोन बनी दो किमी की दूरी
बकेवर थाना क्षेत्र के ग्राम टडवा इस्माइलपुर और नौगवां के बीच की दो किमी की दूरी इन दिनों राहगीरों के लिए डेंजर जोन बन गई है। यह जनपद इटावा को औरैया की सीमा से भी जोड़ती है।
राहगीरों को अब इस राह से गुजरना खतरे भरा लगने लगा है। बीते आठ दिनों में बाइकर गैंग ने दो लूट की घटनाओं को अंजाम दिया, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश है।
ग्रामीण क्षेत्र की अगर बात की जाए तो इसमें महीनों से कोई वाहन चेकिंग नहीं की गई है। जनपद औरैया से आने वाले चोरों बदमाशों को इटावा की सीमा में घुसने में कोई डर और भय ही नहीं है।
क्षेत्रीय ग्रामीणों की मानें तो दूसरे जनपद के अधिकतर बदमाश इस जनपद में वारदात करके आसानी से निकल जाते हैं। इस बार विधानसभा चुनाव में भी बॉर्डर पर कोई सख्ती देखने को नहीं मिली।
जिन घटनाओं की तहरीर दी गई है उनकी जांच चल रही है। फोर्स की कमी के चलते वाहन चेकिंग भी बंद चल रही है। फोर्स आते ही बॉर्डर वाले क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई जाएगी। ऐसी घटनाओं पर भी रोक लगेगी।
साधू राम सीओ भरथना