इटावा। भाजपा ने चुनावी चौसर में बढ़त हासिल करने के लिए माहिर खिलाड़ियों की पूर्णकालिक तैनाती शुरू कर दी है। एमपी से सटे यूपी के 15 जिलों में एमपी के 100 से अधिक नेता-कार्यकर्ता तैनात किए गए हैं, जो चुनाव तक रहेंगे।
कार्यकर्ता लगातार संगठन की बैठकें, क्षेत्र के मुद्दे, नेताओं के जनाधार पर काम करते हुए संगठन को रिपोर्ट करेंगे। टिकट फाइनल होने से पहले ही इन वरिष्ठ कार्यकर्ताओं की तैनाती को काफी अहम माना जा रहा है।
एमपी भाजपा के महामंत्री संगठन डॉ. सुहास भगत झांसी और इटावा में बैठकें कर रिपोर्ट ले चुके हैं।
भाजपा ने कानपुर-बुंदेलखंड प्रांत से जुड़े जिलों में एमपी के वरिष्ठ नेताओं को तैनात किया है, उनमें पूर्व विधायक, पूर्व सांसद, पूर्व संगठन मंत्री, पूर्व जिलाध्यक्ष, कई निगमों के अध्यक्ष और प्रमुख शामिल हैं।
इटावा में मुन्ना भदौरिया और अवधेश सिंह कुशवाहा को तैनात किया गया है। इन दोनों का इटावा में अच्छा खासा संपर्क है। इनकी रिश्तेदारियां भी यहां पर हैं। मुन्ना भदौरिया भिंड जिले की अटेर विस सीट से कई बार विधायक रह चुके हैं।
अवधेश सिंह कुशवाहा भिंड भाजपा के अध्यक्ष रह चुके हैं। इसके अलावा भाजपा ने इटावा में नौ अन्य कार्यकर्ताओं को पूर्णकालिक के तौर पर नियुक्त किया है।
इनमें दो इटावा सदर सीट, दो जसवंतनगर और तीन भरथना सीट के लिए तैनात किए गए हैं। उरई में संजीव कांकर और शैलेंद्र बरुआ को प्रभार दिया गया है।
संजीव कांकर और बरुआ का भिंड जिले से संबंध है। दोनों ही नेता भाजपा में संगठन मंत्री रहे हैं। संजीव आरएसएस के प्रचारक भी रहे हैं और बरुआ अभाविप में लंबे समय तक काम करते रहे हैं।
इसके अलावा फर्रुखाबाद जिले में हमीर सिंह पटेल और राकेश रुस्तम सिंह को तैनात किया गया है। औरैया में वीरेंद्र राणा और जयप्रकाश राजौरिया को तैनात किया गया है। मैनपुरी में डॉ. दीपक सिंह भदौरिया को तैनात किया गया है।
इसके अलावा बिधूना सीट के लिए मुरैना और भिंड से सांसद रहे अशोक अर्गल को तैनात किया गया है। हर जिले में दो वरिष्ठ नेताओं को समन्वय के लिए प्रभार दिया गया है।
इसके साथ प्रत्येक जिले की हर विस सीट पर दो-दो पूर्णकालिक कार्यकर्ताओं की भी तैनाती की गई है। इन नेताओं की तैनाती एक सप्ताह पूर्व ही कर दी गई थी। इन सभी ने जमीनी स्तर पर काम करना शुरू भी कर दिया गया है।
इटावा और झांसी में हो चुकीं बैठकें
एमपी से आए कार्यकर्ताओं की झांसी और इटावा में एमपी के महामंत्री संगठन डॉ. सुहास भगत बैठक ले चुके हैं। इटावा में इन कार्यकर्ताओं की बृहस्पतिवार को भाजपा के कार्यालय में बैठक की गई।
इसमें इन सभी कार्यकर्ताओं के अलावा डॉ. सुहास भगत, एमपी के प्रदेश मीडिया प्रभारी लोकेंद्र पाराशर भी मौजूद रहे। बैठक में इटावा, मैनपुरी, एटा, फर्रुखाबाद, औरैया जिले में तैनात किए गए मध्यप्रदेश के कार्यकर्ता-नेता मौजूद रहे।
संगठन मंत्री ने जमीनी हकीकत के बारे में जानकारी ली। कितनी बैठकें की जा चुकीं हैं, उन बैठकों में क्या जानकारियां हासिल हुईं, बात की गई। इसी तरह बुधवार को संगठन मंत्री ने झांसी में बुंदेलखंड के जिलों में तैनात किए गए कार्यकर्ताओं से बैठक कर जमीनी हकीकत से रूबरू हुए।
स्थानीय नेता-संगठन बैठक से नदारद
मध्यप्रदेश के इन नेताओं की बैठक में स्थानीय कार्यकर्ता और नेताओं को नहीं बुलाया गया था। इस संबंध में जब स्थानीय जिलाध्यक्ष संजीव राजपूत से बात की गई तो उन्होंने बताया कि जो कार्यकर्ता-नेता मध्यप्रदेश से आए हैं, सिर्फ उन्हीं की बैठक है।
बैठक का क्या एजेंडा है इसकी भी उन्हें जानकारी नहीं है। जिले में पूर्णकालिक कार्यकर्ताओं की तैनाती के बारे में उन्होंने बताया कि एक सप्ताह पहले तैनाती की गई है। ये सभी लोग चुनाव तक यहां रहेंगे।
बूथ स्तर तक करेंगे बैठकें
विधानसभा क्षेत्रों में तैनात किए गए पूर्णकालिक कार्यकर्ता बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं की बैठकें लेंगे। अभी ये कार्यकर्ता मंडल स्तर की बैठकें कर चुके हैं। अब इनकी शक्ति केंद्रों पर बैठकें चल रहीं हैं।
पांच-पांच बूथों को मिलाकर एक शक्ति केंद्र बनाया गया है। यहां की बैठकें खत्म करने के बाद ये कार्यकर्ता बूथ स्तर पर बैठकें करके जमीनी कार्यकर्ताओं से चर्चा करेंगे।
मुद्दों और टिकट वितरण में होंगे सहायक
कार्यकर्ताओं और नेताओं से पार्टी लगातार संपर्क में रहकर जनता और कार्यकर्ताओं का रुझान समझने का प्रयास कर रही है। भाजपा का सबसे जमीनी कार्यकर्ता किस नेता के बारे में क्या राय रखता है, जमीन पर मुद्दे क्या हैं, किन मुद्दों को धार देना है, किन मुद्दों पर पार्टी बैकफुट पर जा सकती है।
इन सब पर ये पूर्णकालिक कार्यकर्ता पार्टी को फीडबैक देंगे। भाजपा के वरिष्ठ नेताओं का मानना है कि फीडबैक टिकट मिलने और कटने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।