इटावा। भीषण सर्दी के बीच बीहड़ की माटी युवाओं के पसीने से भीग गई। चंबल मैराथन के दूसरे संस्करण में युवाओं ने बढ़ चढ़कर भागीदारी की। करीब आठ किलोमीटर की यह दौड़ अटेर के निर्माणाधीन चंबल पुल से शुरू होकर अटेर किला मैदान पर खत्म हुई।
दौड़ को चंबल मैराथन के संस्थापक शाह आलम ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। दौड़ में करीब 700 युवाओं ने भाग लिया। भिंड के सुमित यादव और बाह आगरा की अंबिका ने इस दौड़ में प्रथम स्थान हासिल किया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जिला कलक्टर सतीश कुमार एस ने कहा कि बच्चों की जीवंतता ही चंबल की ताकत है।
चंबल मैराथन के संयोजक राधेगोपाल यादव और चंबल परिवार के प्रमुख शाह आलम के साथ यहां के स्थानीय युवाओं को लेकर ग्रामीण पुरातात्विक तथा एडवेंचर स्पोर्ट्स और टूरिज्म के लिए बेहतरीन प्रयास कर रहे हैं। अध्यक्षता कर रहे हरिवीर सिंह यादव ने शपथ दिलाई।
संयोजक राधेगोपाल यादव ने कहा कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य चंबल के सकारात्मक स्वरूप को विश्व पटल पर स्थानीय लोगों के सहयोग से पहुंचाना है। चंबल फाउंडेशन की मुहिम चंबल टूरिज्म स्प्रिट चंबल और रन फॉर बेटर चंबल का सपना साकार होते दिखा।
चंबल मैराथन में संदीप राजपूत दूसरे, नवीन शर्मा और अंकित तोमर तीसरे, विशाल लोधी चतुर्थ और शिवम लोधी पांचवें स्थान पर रहे। सीनियर सिटीजन दौड़ में रिटायर्ड फौजी ओमप्रकाश भदौरिया प्रथम, एडवोकेट अजय कुमार आर्य द्वितीय, रिटायर्ड फौजी रतन लाल यादव तृतीय स्थान पर रहे।
एसडीएम उदय सिकरवार और किशोरी शिक्षा एवं शारीरिक शिक्षा प्रसार समिति के अध्यक्ष हरवीर सिंह यादव ने विजयी प्रतिभागियों सम्मानित किया। विजेताओं को चंबल परिवार की तरफ से मेडल, शील्ड और प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया।