इटावा। बसरेहर विकासखंड में बनी चार गोशालाओं का मंगलवार को नोडल अधिकारी डॉ. संदीप तिवारी ने निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्हें अव्यवस्थाएं देखने को मिलीं। अव्यवस्थाएं को देखकर नोडल अधिकारी ने ग्राम प्रधान प्रतिनिधि को फटकार लगाई।
नोडल अधिकारी डॉ. संदीप तिवारी ने बख्तियारपुर के पास बनी गोशाला को देखा। गोशाल में 165 गोवंश रखे गए हैं। गोशाला में गंदगी और गोवंश को पानी पीने के लिए बनी टंकियों में भरा गंदा पानी देखकर नोडल अधिकारी भड़क उठे और ग्राम प्रधान प्रतिनिधि से गोशाला का रजिस्टर मांगा गया, तो वह नहीं दिखा सके।
भूख-प्यास से तड़प रहे गोवंशों के लिए उन्होंने भूसा भी डलवाया। नोडल अधिकारी ने प्रधान प्रतिनिधि को गोवंशों को हरा चारा देने को कहा। इस पर प्रधान प्रतिनिधि ने बताया कि ग्राम पंचायत की 100 बीघा जमीन पर कब्जा है।
प्रशासन जमीन को कब्जा मुक्त कराए तो उसमें हरा चारा उगाया जा सकता है। यहां से नोडल अधिकारी ग्राम पंचायत चौबिया के जैनपुर में बनी गिरधर गोपाल गोशाला पहुंचे।
यहां की गोशाला में 125 गोवंश रखे गए, जिसमें गोवंशों को हरा चारा मिलते देख खुश हुए, लेकिन गोवंश के लिए पानी पीने के लिए कोई सुविधा नहीं मिली। गोशाला में बने तालाब में दलदल होने से उसे बंद करने के आदेश दिए।
गोशाला के अंदर मृत पड़े गोवंश को गड्ढे के अंदर देखकर नाराजगी जताई और प्रधान अनिल कुमार से जानकारी ली तो उन्होंने बताया कि गोशाला के अंदर गोवंश की मृत्यु होने के बाद दफना देते हैं।
नोडल अधिकारी ने प्रधान को फटकार लगाते हुए कहा कि गोशाला के अंदर श्मशान घाट नहीं बनाया जाएगा, इसके लिए बाहर मरे गोवंशों को दफनाना होगा। वहीं ग्राम पंचायत अगुपुर गोपालपुर गोशाला में 116 गोवंश रखे गए हैं।
गोवंशों के लिए पानी की नांद में गंदगी देखकर प्रधान को साफ सफाई के निर्देश दिए।
इस मौके पर पशु चिकित्सा अधिकारी बसरेहर डॉक्टर नरेश कुमार, पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. मंजू दोहरे, ग्राम पंचायत बीना के सचिव आशीष कुमार यादव, ग्राम प्रधान अनिल कुमार के अलावा रामचंद्र शाक्य, सौरभ यादव आदि मौजूद थेे।