इटावा। दो दिन पूर्व दहेज हत्या के मामले में जिला जेल में बंद बंदी की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। जेल प्रशासन के मुताबिक, बंदी बुधवार की शाम को पेड़ पर लकड़ी तोड़ने के लिए चढ़ा था, तभी वह पेड़ से गिर गया, जिससे उसकी जिला अस्पताल में मौत हो गई।
पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। भरथना क्षेत्र के बाहरपुरा गांव निवासी विश्वनाथ का बेटा दीपक कुमार (22) की पत्नी की मेघा ने दो जनवरी को फांसी लगाकर जान दे दी थी।
मेघा के पिता संजय कुमार ने अतिरिक्त दहेज की मांग का आरोप लगाते हुए पति दीपक, ससुर विश्वनाथ और सास सरला देवी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने दीपक व उसके पिता विश्वनाथ को तीन जनवरी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
कोरोना के कारण दोनों को अस्थायी जेल में रखा गया था। जेल अधीक्षक डॉ. रामधनी सिंह ने बताया कि बुधवार को दीपक लकड़ी तोड़ने के लिए पेड़ पर चढ़ गया। उसी दौरान पेड़ से गिर गया, जिससे काफी चोटें आईं।
उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां बृहस्पतिवार को मौत हो गई। जानकारी पर परिवार के लोग मौके पर पहुंचे। चचेरे भाई गौरव का आरोप है कि दीपक को बुधवार की शाम को चोट लगी, लेकिन जेल प्रशासन ने उसे छह जनवरी को सूचना दी।
उसने निष्पक्ष जांच की मांग की है। सूचना के बाद एसडीएम सदर राजेश कुमार वर्मा मौके पर पहुंचे और शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। एसडीएम सदर ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों का पता चल सकेगा।