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मारपीट व हत्या का प्रयास में छह को सजा

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इटावा। भरथना थाना क्षेत्र के गिरधारीपुरा में करीब 14 साल पहले घर में घुसकर मारपीट करने, बाउंड्रीवॉल तोड़ने व हत्या का प्रयास मामले में कोर्ट ने छह दोषियों को सजा सुनाई है। इनमें दो को छह-छह वर्ष व चार को चार-चार साल के सश्रम कारावास के साथ ही अर्थ दंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर सभी को अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
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सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (दंड) देवेंद्र कुमार तिवारी ने बताया कि गिरधारीपुरा निवासी रामप्रकाश ने 15 अप्रैल 2007 को थाने में मोहल्ले के सुधीर कुमार उसके भाई कमलेश कुमार, संतोष कमार, सुधीर के बेटे संजीव कुमार उर्फ टिंकू, संतोष के बेटे आदित्य उर्फ पिंकू और कमलेश के बेटे ऋषि के खिलाफ मारपीट, हत्या का प्रयास और तोड़फोड़ का मामला दर्ज कराया था। रामप्रकाश का आरोप था कि घटना के दिन दोपहर एक बजे आरोपियों ने उनके घर मं घुसकर गाली-गलौज की। उसके बेटे शिवम को जान से मारने की नीयत से संजीव और सुधीर ने तमंचे से गोली चलाई। शिवम ने घर में घुसकर अपनी जान बचाई। उसके बाद आरोपी धमकी देकर भाग ग। उनकी बाउंड्रीवाल को गिरा दिया।
उसी रात 9:30 बजे कमलेश, संजीव कुमार, देवेंद्र और रामज्ञान ने घर में घुसकर उसके बेटे अंकित को पीटकर घायल कर दिया। पुलिस ने विवेचना में सभी पर लगे आरोपों को सही पाया। विवेचक ने सभी के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया था। मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश (गैंगस्टर एक्ट) अपर सत्र न्यायाधीश, कोर्ट संख्या आठ पारुल श्रीवास्तव के यहां चल रही थी। न्यायाधीश ने कमलेश कुमार, संतोष कुमार, आदित्य और ऋषि को घर में घुसकर मारपीट करने का दोषी मानते हुए चार-चार साल की सजा सुनाई है। इन सभी पर दो-दो हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। जबकि, संजीव व सुधीर को हत्या का प्रयास में छह-छह साल के सश्रम कारावास व पांच-पांच हजार रुपये अर्थ दंड की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने की स्थिति में अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।
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