सैफई रिम्स में लगा उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय का बोर्ड।
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उप्र ग्रामीण आयुर्विज्ञान एवं अनुसंधान संस्थान अब उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय बन गया है। राज्यपाल ने 3 मई 2016 को उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय सैफई इटावा विधेयक 2015 के अनुमोदन पर हस्ताक्षर किए थे। लगभग एक माह बाद राज्यपाल के आदेश से 5 जून को संस्थान पूरी तरह से विश्वविद्यालय में परिवर्तित हो गया है।
अभी तक संस्थान छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय कानपुर से संबद्ध था। अब रिम्स के सभी फैकेल्टी और स्टाफ उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय के अधीन कार्य करेंगे। स्टूडेंट्स को आने वाले समय में उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय की डिग्री प्रदान की जाएगी। ये जानकारी निदेशक ब्रिगे. टी. प्रभाकर ने दी। अपर निदेशक प्रशा. राधाकृष्ण सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय से सफलतापूर्वक पैरामेडिकल , नर्सिंग, फार्मेसी के अतिरिक्त एमबीबीएस, एमडी, एमएस, एमडीएस जैसे कोर्स संचालित किए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त विश्वविद्यालय में 150 बेड इमर्जेंसी ट्रामा और बर्न सेंटर का संचालन भी शुरू हो चुका है।
आने वाले समय में सुपर स्पेशियलिटी विंग के शुरू हो जाने से उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय के अधीन सुपर स्पेशियलिटी विंग में इलाज एवं शिक्षण कार्य भी शुरू हो जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि विश्वविद्यालय में प्रतिदिन दो से तीन हजार मरीज ओपीडी में देखे जाते हैं। चिकित्सा विश्वविद्यालय बन जाने से अब अन्य मेडिकल कालेज तथा पैरामेडिकल, नर्सिंग व फार्मेसी कालेज भी विश्वविद्यालय से जुडे़ंगे। संस्थान उन कालेजों में अध्ययनरत् स्टूडेंट्स को भी उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय की डिग्री प्रदान करेगा।