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पहले दिन पुरानी किताबें लेकर स्कूल पहुंचे बच्चे

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इटावा। लंबे इंतजार के बाद बुधवार से सभी प्राइमरी स्कूल भी खुल गए। उत्साहित बच्चे कोरोना का भय भूलकर स्कूल पहुंचे। पहले ही दिन ज्यादातर स्कूलों में बच्चों की उपस्थित अच्छी खासी रही। प्रधानाध्यापकों ने बताया कि माध्यमिक, उच्चतर माध्यमिक में पहले दिन छात्र संख्या कम रहने से प्राइमरी में इतने बच्चों के आने की उम्मीद नहीं थी। बच्चों की चहलपहल, उछलकूद से सन्नाटे में डूबे स्कूल गुलजार हो उठे।
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भीषण गर्मी के बावजूद बच्चों ने झूला झूलने का लुत्फ उठाया। स्कूल पहुंचे बच्चों का शिक्षकों ने तिलक लगाकर स्वागत किया। मिड-डे-मील में बच्चों को दूध दिया गया और तहरी परोसी गई। हालांकि पहले दिन ज्यादातर स्कूलों में पढ़ाई कम बच्चों ने मौज-मस्ती ज्यादा की। नई किताबें तो अभी मिलीं नहीं हैं, इसलिए छात्र पुरानी किताबें लेकर ही स्कूल पहुंचे।
भरथना के गिरधारीपुरा स्थित कन्या प्राथमिक विद्यालय में प्रधानाध्यापिका संतोष कुमारी ने छात्रों को तिलक लगाकर अगवानी की। अध्यापिका अनीता देवी, रंजना, कीर्ति देवी ने छात्रों को कतार में खड़ा कर हाथों को सैनिटाइज कराया। ग्राम रमायन स्थित प्राथमिक विद्यालय में छात्रों को सामाजिक दूरी के साथ बैठाकर पढ़ाया गया।
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लवेदी। पुस्तकें उपलब्ध न होने से बच्चे विद्यालय तो पहुंचे लेकिन पढ़ाई नहीं हो सकी। बच्चे मिड-डे-मील का खाकर लौट गए। क्षेत्र के असदपुर, बिधीपुरा, नवादा खुर्दकला, बहादुरपुर, विलहटी नंदगवां, ईकरी, जैतपुरा, दुर्गापुरा, लवेदी प्राथमिक विद्यालयों में बच्चों की संख्या अच्छी देखने को मिली।
ऊसराहार। ताखा के विद्यालय पटियायत में शिक्षकों ने बच्चों को खेल-खेल में भारत के मानचित्र के आकार में खड़ा किया। शिक्षक प्रमोद कुमार, उपेंद्र सिंह ने बच्चों को मास्क लगाकर कक्षाओं में प्रवेश दिलाया। प्राथमिक विद्यालय नगला में बच्चों का तिलक लगाकर स्वागत किया। सहायक अध्यापक आदर्श कुमार, श्यामानंद ने बच्चों को कोविड नियम के तहत आने के लिए प्रेरित किया। इसी क्रम में कंपोजिट विद्यालय बकौली में शिक्षकों ने बच्चों के हाथों को सैनिटाइज कराया।
बकेवर। महेवा ब्लाक के ग्राम कुड़रिया स्थित कंपोजिट विद्यालय के प्रधानाध्यापक जमाल अहमद ने बताया पहले दिन 193 छात्रों में 90 बच्चे पहुंचे। लखना प्राथमिक विद्यालय द्वितीय में प्रधानाध्यापक रघुवीर सिंह ने बताया कि विद्यालय में 168 छात्र संख्या है और 105 के करीब छात्र छात्राएं बुधवार को उपस्थित रहे। प्राथमिक स्कूल महेवा में प्रधानाध्यापक राजेश कुमार ने अभिभावकों से सहमति पत्र लिए। बीईओ महेवा दीपक अवस्थी ने बताया कि बच्चों को दोनों पालियों के हिसाब से स्कूल बुलाने का प्रावधान किया जा रहा है।
कक्षा पांच की छात्रा मानसी ने कहा कि स्कूल आने पर बहुत अच्छा लग रहा है। घर में इतनी अच्छी पढ़ाई नहीं हो रही। स्कूल में ही ठीक से पढ़ाई हो पाएगी।
फोटो संख्या 21- अमन
कक्षा पांच के छात्र अमन ने कहा कि ऑनलाइन पढ़ाई कुछ समझ नहीं आता था। स्कूल आकर पढ़ने में ही समझ में आता है।
जसवंतनगर। प्राइमरी स्कूलों में पहले दिन उपस्थिति अच्छी खासी रही। हालांकि ज्यादातर स्कूलों में सफाई अभियान चलाया गया। प्राइमरी स्कूल मलाजनी में स्कूल में सफाई करवाने के बाद चूने का छिड़काव कराया गया। परिसर में लगे पौधों की कटाई-छंटाई कराकर बच्चों के स्वागत के लिए फूल, गुब्बारे आदि लगाए गए। रंगोली सजाई गई।
चकरनगर। शिक्षकों ने तिलक लगाकर बच्चों का स्वागत किया। लंबे समय बाद स्कूल पहुंचे पढ़ाई, लिखाई के बाद खेलते मिले। पुरानी किताबों से पहले दिन पढ़ाई की शुरुआत हुई। शिक्षकों ने बताया कि शासन की ओर से किताबें व अन्य सामग्री आने वाली है।
चकरनगर। उप जिलाधिकारी चकरनगर सत्य प्रकाश ने बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में क्षतिग्रस्त स्कूल भवनों का इंजीनियर से परीक्षण कराने के बाद ही खोलने का सुझाव दिया था। ताकि क्षतिग्रस्त स्कूलों में शिक्षण कार्य के दौरान किसी प्रकार का हादसा न हो। इसके बावजूद स्कूल खुले। बीईओ अलकेश कुमार ने बताया कि संबंधित विभाग के जेई से शीघ्र ही जांच करवाई जाएगी।
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