इटावा। अपर सत्र न्यायाधीश जनार्दन प्रसाद यादव ने किशोरी से दुष्कर्म के आरोपी को साक्ष्यों के आधार पर दोषी करार देकर उम्रकैद की सजा सुनाई है। दुष्कर्मी पर 62 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माने की राशि से तीस हजार रुपये पीड़ित को देने के आदेश भी न्यायाधीश ने दिए हैं। जुर्माना अदा न करने पर दोषी को छह माह की अतिरिक्त सजा भोगनी पड़ेगी।
जिला शासकीय अधिवक्ता शिवकुमार शुक्ला ने बताया कि बलरई थाना क्षेत्र के एक गांव की किशोरी को नौ जून 2019 को घर की छत से युवक बहलाकर ले गया था। 10 जून को पिता ने गांव के सुनील कुमार व कुलदीप के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। कुछ समय बाद पुलिस ने ढूंढ लिया था। उसका मेडिकल परीक्षण कराया। विवेचना में कुलदीप की नामजदगी गलत मिलने पर पुलिस ने उसका नाम मुकदमे से निकाल दिया था। विवेचक ने सुनील के खिलाफ दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट की धाराओं में आरोपपत्र कोर्ट में दाखिल किया।
दहेज हत्या में पति को दस साल की सजा
इटावा। अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम शीरीन जैदी ने दहेज हत्या के आरोपी पति को साक्ष्यों के आधार पर दोषी करार देकर दस साल की सजा सुनाई है। साक्ष्यों के अभाव में कोर्ट ने आरोपी सास को बरी कर दिया।
अपर जिला शासकीय अधिवक्ता तरुण कुमार शुक्ला ने बताया कि बिठौली थाना क्षेत्र के बिडोरी निवासी पवन सिंह पुत्र भगवान सिंह ने बहन भारती की शादी 19 जून 2018 को सोनू उर्फ विष्णु निवासी बंसरी थाना बिठौली के साथ की थी। शादी के बाद ससुराल वाले दहेज में हनुमंतपुरा चौराहे पर पड़े प्लॉट की मांग करने लगे। पवन व उसके परिवार के लोगों ने असमर्थता जताई तो ससुराल वालों ने भारती का उत्पीड़न शुरू कर दिया।
26 मई 2019 को ससुराल वालों ने मिट्टी का तेल डालकर भारती को आग लगी दी। गंभीर रूप झुलसी भारती ने सैफई पीजीआई में दम तोड़ दिया था। पवन ने बहनोई विष्णु, सास रामा देवी, जेठ पप्पू, जेठानी राम प्यारी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
विवेचना के दौरान पुलिस ने जेठ और जेठानी का नाम मुकदमे से हटा दिया। पति व सास के खिलाफ आरोपपत्र कोर्ट में दाखिल किया गया था। कोर्ट ने पति सोनू को दोषी करार देकर सजा सुनाई है।