इटावा। देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और मौलाना अबुल कलाम आजाद ने मुल्क की आजादी ही नहीं, बल्कि भारत की राष्ट्रीय एकता के लिए मिलकर जो काम किया, उसे भुलाया नहीं जा सकता है।
आज फिर उसी जज्बे एवं भाईचारे की भावना के साथ देश की एकता को बचाने की जरूरत है। यह बात रविवार को समाजसेवी इंजीनियर हरिकिशोर तिवारी ने अंजुमन हिदायतुल इस्लाम हाईस्कूल में मौलाना आजाद सामाजिक एकता समिति की ओर से आयोजित जश्न नेहरू-मौलाना आजाद राष्ट्रीय एकता सम्मेलन में कही।
कहा कि नेहरू और अबुल कलाम जैसे राष्ट्रीय महापुरुषों का जाति, धर्म और पार्टी राजनीति की भावना से ऊपर उठकर आदर किया जाना चाहिए। उन्होंने देश की एकता-अखंडता, तरक्की व शिक्षा के प्रसार में जो योगदान दिया, उसको देश हमेशा याद करता रहेगा।
समाजवादी नेता राम लखन गौतम ने कहा कि गंगा-जमुनी तहजीब ने ही हिंदुस्तान को दुनिया का सबसे नायाब और खूबसूरत मुल्क बनाया है। वरिष्ठ नेता अतुल आक्रोश ने कहा कि भारत में आज धर्म के आधार पर बंटवारे की कोशिशें हो रही हैं।
इसलिए मुल्क को भाईचारे व एकता के साथ बचाने की जरूरत है। सम्मेलन के आयोजक जमील कुरैशी ने अतिथियों का माल्यार्पण कर सम्मानित किया। इस दौरान समिति की ओर से जरूरतमंद महिलाओं को स्वरोजगार के लिए सिलाई मशीनें वितरित की गईं।
मो. रिजवान अहमद, धर्मेंद्र जैन, सभासद शफी अहमद बालक, नफीस पठान ने भी विचार रखे। मौलाना कलाम कादरी ने नात सुनाई। संचालन एहसान कुरैशी ने किया।
कार्यक्रम में वसीम चौधरी, मो. इलियास, सुनील तिवारी एडवोकेट, शतीक मंसूरी, फिरोज राईन, प्रधानाचार्य मो. शाहनवाज, इमरान एडवोकेट आदि मौजूद थे।