इटावा। सावन के आखिरी सोमवार के मौके पर शहर व ग्रामीण क्षेत्रों के शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं ने पूजा अर्चना और जलाभिषेक किया। चौगुर्जी स्थित प्राचीन शिवमंदिर में दोपहर 12 बजे तक पूजा अर्चना की गई।
श्रीनीलकंठ महादेव, छैराहा स्थित प्राचीन शिव मंदिर, स्टेशन बजरिया स्थित श्री आनंदेश्वर मंदिर, पक्का तालाब स्थित श्रीजागेश्वरनाथ व तुरंतादेव महादेव, फ्रेंडस कालोनी स्थित ज्ञान मंदिर, प्रकाश नगर स्थित शिव मंदिर, टिक्सी महादेव, श्रीशिवशक्ति धाम में द्वादश ज्योर्तिलिंग समेत अन्य शिव मंदिरों में महिलाओं, पुरुषों, युवक, युवतियों व बच्चों ने पूजा अर्चना की।
ज्यादातर श्रद्धालुओं ने उपवास रखा। भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए शिवलिंग पर बेल पत्र, धतूरा, फल, फूल, शहद, बर्फी, दूध चढ़ाया व जलाभिषेक किया।
शाम को शिव मंदिरों में भगवान भोलेनाथ का शृंगार किया गया। हालांकि कोविड गाइड लाइन के कारण श्रीनीलकंठ मंदिर व ज्ञान मदिर के बाहर लगने वाले मेले नहीं लगे। टिक्सी महादेव, चौगुर्जी में सिद्देश्वर महादेव, ज्ञान मंदिर में भोलेनाथ का भव्य शृंगार किया गया। उदी क्षेत्र में कुंडेश्वर महादेव मंदिर पर भक्तों को लाइन में लगकर पूजा अर्चना करनी पड़ी।
निवाड़ीकला संवाद के अनुसार कस्बा स्थित प्राचीन शिव मंदिर पर भोर से लेकर दोपहर तक पूजा अर्चना की गई। ग्राम आनेपुर स्थित प्राचीन झाड़ी महादेव से प्रसिद्ध मंदिर पर दिन भर शिव भक्तों का आना जाना बना रहा।
लवेदी संवाद के अनुसार शिव मंदिरों पर महिलाओं व पुरुषों ने बच्चों के साथ बाबा औगढ़दानी की पूजा की। भक्तों ने बीहड़ की पगडंडी से चलकर यमुना के किनारे हमीरपुरा मंदिर व परसौली के वनखंडेश्वर महादेव पर बेल पत्र, धतूरा, फूलमाला प्रसाद चढ़ाकर पूजा अर्चना की।
लखना मातन मुहाल स्थित प्राचीन शिव मंदिर, स्टेट बैंक शिव मंदिर, मकनू मंदिर, डाकघर स्थित प्राचीन शिव मंदिर, बंदर वाले बाग शिव मंदिर, कंकडेश्वर महादेव दिलीप नगर, शांति धाम मंदिर बहादुरपुर घार समेत अन्य शिव मंदिरों में पूजा अर्चना की।
ऊसराहार संवाद के अनुसार सरसईनावर स्थित हजारी महादेव मंदिर पर भक्तों की भीड़ सुबह से ही देखने को मिली। मंदिर में सौरिख, कुसमरा, किशनी, ऐरवा कटरा, ऊसराहार समेत अन्य क्षेत्रों से आए भक्तों ने भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया। भीड़ की वजह से लोगों को काफी इंतजार के बाद हजारी महादेव के दर्शन मिल सके। हालांकि अत्यधिक भीड़ की वजह से कुछ श्रद्धालु बिना दर्शन के लौटे।
चकरनगर संवाद के अनुसार बाढ़ की वजह से भरेह शिव मंदिर में सावन के चौथे व आखिरी सोमवार को सुबह काफी कम संख्या में भक्त पूजा अर्चना करने पहुंचे। सहसों बाबा सिद्धनाथ मंदिर पर भी कम संख्या में श्रद्धालु पूजा अर्चना करने पहुंचे। पचनद कालेश्वर मंदिर पर भी गांव के श्रद्धालुओं ने भोलेनाथ का जलाभिषेक किया।
इटावा। साप्ताहिक मंगल मिलन सत्संग शाम 5 बजे यमुना तलहटीे स्थित खटखटा बाबा के मंदिर, (ग्यारह रुद्री) पर चंद्रभान सिंह राजावत की ओर से आयोजित किया गया है। संयोजक देवेश शास्त्री ने लोगों से सत्संग में भाग लेने की अपील की है। (संवाद)