इटावा। पिछले कई दिन से खराब मौसम, कोरोना के बढ़ते मामले और विधानसभा चुनाव की वजह से लॉयन सफारी में औसतन 50 फीसदी पर्यटक घट गए हैं।
मौसम और कोरोना के अलावा चुनाव का असर भी पर्यटकों की संख्या पर देखा जा रहा है। दो साल से कोरोना की वजह से पर्यटन पर विपरीत असर पड़ा था, लेकिन नए साल पर पर्यटकों का सकारात्मक रुझान देखने को मिला था।
कुछ दिन उत्साहजनक स्थिति रहने के बाद कड़ाके की पड़ रही ठंड से सफारी में भी संख्या घट गई है। लायन सफारी इटावा पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा है।
सफारी में इटावा और आसपास के जिलों के अलावा प्रदेश के दूसरे इलाकों और मध्यप्रदेश से भी पर्यटक भी पहुंचते हैं। 350 हेक्टेयर में फैले लॉयन सफारी में शेर के अलावा, लैपर्ड, मृग, भालू और हिरण भी पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र रहते हैं।
इसके अलावा यहां पर औषधीय पेड़ भी बड़ी संख्या में मौजूद हैं। लायन सफारी में 50 से अधिक प्रजाति की तितलियां भी पर्यटकों को लुभाती हैं।
रेंज अफसर विनीत सक्सेना ने बताया कि मकर संक्रांति से पहले तक सफारी में 400 पर्यटक प्रतिदिन आ रहे थे, लेकिन अभी सर्दी बढ़ने, बारिश होने और कोरोना के मामले बढ़ने से सफारी में पर्यटक लगभग आधे रह गए हैं।
अब लगभग 200 पर्यटक प्रतिदिन आ रहे हैं। इसके अलावा चुनाव की वजह से पर्यटकों की संख्या कम होने की आशंका है।
सफारी प्रबंधन की निगाह 26 जनवरी पर
सफारी प्रबंधन को उम्मीद है कि 26 जनवरी से सफारी में पर्यटक बढ़ सकते हैं। रेंज अफसर विनीत सक्सेना ने बताया कि 26 जनवरी तक मौसम भी सुधर सकता है।
कोहरा खत्म होने और धूप निकलने से लोग सफारी की तरफ रुख कर सकते हैं। गणतंत्र दिवस के लिए सफारी प्रबंधन ने विशेष इंतजाम किए हैं। अभी दो बसें पर्यटकों के लिए पर्याप्त होतीं हैं।
इस दिन पांच बसें लगाईं जाएंगी। सफारी पहुंचने वाले पर्यटकों के लिए कोविड गाइडलाइन का सख्ती से पालन करना होगा। मास्क लगाए बिना पर्यटक प्रवेश नहीं कर पाएंगे। स्टाफ को भी मास्क लगाना होगा।
सैनिटाइजर भी मौजूद रहेगा। प्रत्येक पर्यटक का तापमान जांचा जाएगा। इसके अलावा स्टाफ को निर्देश गए कि पर्यटक बस जानवरों के एकदम पास नहीं रोकी जाएगी।
नए साल पर उमड़े थे रिकार्ड पर्यटक
लायन सफारी में नए साल पर रिकार्ड पर्यटक उमड़े थे। लॉयन सफारी प्रबंधन को दो दिन में 11 लाख रुपये से अधिक की आय हुई थी। एक जनवरी 2022 को लगभग तीन हजार और दो जनवरी को 2700 पर्यटक सफारी में पहुंचे थे।
इन दो दिनों में सफारी प्रबंधन को अतिरिक्त संसाधन जुटाने पड़े थे। इसके अलावा एहतियात के तौर पर पुलिस की भी तैनाती की गई थी।
31 दिसंबर को मिला था पहला संक्रमित
तीसरी लहर के कोरोना संक्रमण का पहला मामला इटावा में 31 दिसंबर को मिला था। इसमें सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी के एक डाक्टर की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी।
इसके बाद पांच जनवरी को रोडवेज के दो ड्राइवर संक्रमित मिले थे। ये दोनों ड्राइवर बस लेकर प्रधानमंत्री की रैली में मेरठ गए थे। इसके बाद मामले लगातार बढ़ रहे हैं। फिलहाल जिले में एक हजार अधिक कोरोना संक्रमित हैं।
17 जनवरी से कोरोना संक्रमित की संख्या में अचानक उछाल आ गया। इसी दिन कोरोना से एक जिले में पहली मौत भी हुई थी। 22 जनवरी से 150 से अधिक कोराना संक्रमण के मामले सामने आ रहे हैं।