इटावा। डीजल व पेट्रोल में मूल्य वृद्धि के चलते अब खेतों में जुताई 60 फीसदी तक महंगी हो गई है। वहीं खाद, बीज के महंगे होने से किसानों के लिए खेती की लागत में वृद्धि हुई है।
ऊसरहार संवाद के अनुसार महंगाई की मार से किसान परेशान हैं। खिलचीपुर निवासी किसान अखिलेश शाक्य ने बताया कि उसके पास सात बीघा जमीन है। छह माह पहले तक एक बीघा खेत में जुताई का किराया 120 रुपये था, लेकिन अब 200 रुपये हो गई है। वहीं हैरो की जुताई 200 रुपये बीघा थी, जो कि अब 300 रुपये बीघा हो गई है।
मुर्चा निवासी किसान संतोष कुमार ने बताया कि जुताई के महंगे होने से किसान वर्ग परेशान है। ट्रैक्टर चालक ऊसराहार निवासी भगवान दास गुप्ता ने बताया कि चार माह पहले डीजल 65 रुपये था, अब 100 रुपये हो गया है। ऐसे में रेट तो बढ़ाने ही पड़ेंगे।
जसवंतनगर संवाद के अनुसार सब्जियों के दाम बढ़ने से लोग परेशान हैं। ग्राम नगला छंद के रवि के मुताबिक सरकार को डीजल और पेट्रोल के बढ़ते दामों को कंट्रोल करना चाहिए।
चकरनगर संवाद के मुताबिक डीजल के रेट बढ़ने से जुताई, पलेवा का खर्च पिछले साल की अपेक्षा अधिक हुआ है। रोज बढ़ते मूल्यों से किसान कर्ज लेने को मजबूर हो रहे हैं। खिरीटी निवासी अर्जुन कुशवाहा ने बताया कि डीजल के दाम बढ़ने से पंप सेट भी महंगा हो गया। डिंभोली गांव निवासी राम प्रसाद मल्लाह ने बताया कि महंगाई की मार का असर सभी कृषि उत्पादों पर पड़ेगा। वहीं भीम सिंह ने बताया कि डीजल वृद्धि की वजह से जुताई के रेट बढ़े हैं। प्रशांत तिवारी ने कहा कि ट्रैक्टरों से खेती-बाड़ी करना अब लाभकारी नहीं रहा है।