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गांवों में नहीं बने अंत्येष्टि स्थल, सवा करोड़ की धनराशि डंप

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इटावा। ग्राम पंचायतों में पिछले छह महीनों से सवा करोड़ रुपये की धनराशि डंप पड़ी है। गांवों में अंत्येष्टि स्थलों के निर्माण की शुरूआत नहीं हो सकी है। गांवों में अंतिम संस्कार के लिए कोई सार्वजनिक अंत्येष्टि स्थल न होने के कारण होने वाली असुविधाओं को देखते हुए शासन ने इस महत्वपूर्ण योजना को अमल में लाने का काम शुरू किया था।
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योजना के लिए प्रथम चरण में ग्राम पंचायतों का चयन और धनराशि का आवंटन किया गया। धन की उपलब्धता होते हुए भी ग्राम पंचायतों ने अभी तक नींव की एक ईंट भी रखने की प्रक्रिया शुरू नहीं कर पायी है। अब कुछ समय बाद निर्माण सामग्री में महंगाई का रोना शुरू होने लगेगा।
गांवों में ज्यादातर खेतों में ही दाह संस्कार की प्रक्रिया अपनायी जाती है। मुश्किल से एक दो ग्राम पंचायतें ही ऐसी होंगी जहां सार्वजनिक अंत्येष्टि स्थल हों। अक्सर जो लोग भूमिहीन हैं अथवा निराश्रित हैं उनके दाह संस्कार को लेकर कभी कभार विवाद जैसी स्थिति भी आती रहती है। शहरी क्षेत्रों में नगर पालिका अथवा नगर पंचायतों ने अंत्येष्टि स्थल बनवाए हैं। शासन ने शहरों की भांति गांवों में भी अंत्येष्टि स्थल बनवाने की योजना तैयार की।
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अंत्येष्टि स्थल निर्माण योजना में बढ़पुरा ब्लाक की पछायगांव, ताखा की मोहरी, बसरेहर की सरायमलपुरा और किल्लीसुल्तानपुर चार ग्राम पंचायतों का चयन किया गया। इन ग्राम पंचायतों में स्थल निर्माण के लिए 24-24 लाख रुपये की धनराशि भी ग्राम पंचायतों के खातों में भेज दी गई। धनराशि पहुंचे भी लगभग छह महीने का समय बीत चुका है परंतु अभी तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है।
जिला पंचायत राज अधिकारी बनवारी लाल ने बताया कि चारों ग्राम पंचायतों में 24- 24 लाख की धनराशि ग्राम निधि खातों में उपलब्ध है। विधानसभा चुनावों में व्यस्तताओं के कारण योजनाओं का अनुश्रवण नहीं हो सका। वे इस बारे में एडीओ पंचायत सेे वस्तु स्थिति के बारे में जानकारी कराएंगे। अंत्येष्टि स्थलों के निर्माण की प्रक्रिया जल्द शुरू करायी जाएगी।
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