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धोखाधडी के मामले में चार साल कीसजा, पांच हजाररूपया जुर्माना

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इटावा। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट आशीष पांडे ने धोखाधड़ी के एक मामले साक्ष्यों के आधार पर एक युवक को दोषी देकर चार साल की सजा सुनाई और पांच हजार रुपये जुर्माना लगाया। युवक ने शिक्षामित्र की नौकरी के लिए फर्जी अंकपत्र लगाया था। मुकदमे की सुनवाई 18 साल चली।
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सहायक अभियोजन अधिकारी प्रभात श्रीवास्तव ने बताया कि वर्ष 2004 में सहसो थाना क्षेत्र के गांव भिटहरी में शिक्षा मित्र की नियुक्ति होनी थी। इसके लिए शिक्षा विभाग ने आवेदन पत्र आमंत्रित किए थे। गांव सदूपुरा निवासी शिव सिंह पुत्र मूल चंद के अलावा अमर सिंह और जय नारायण ने आवेदन किया था। लेकिन शिव सिंह ने अपनी हाईस्कूल की मार्कशीट फर्जी लगा दी। आवेदक अमर सिंह व जय नारायण ने इसकी शिकायत खंड शिक्षा अधिकारी अवध नारायण पाठक से की। खंड शिक्षा अधिकारी ने अंकपत्र की जांच कराई जो फर्जी पाया गया। शिव सिंह ने जो अंकपत्र लगाया था वह द्वितीय श्रेणी का था जबकि गजट में उसकी तृतीय श्रेणी थी।
अंकपत्र फर्जी पाए जाने पर खंड शिक्षा अधिकारी ने शिव सिंह के खिलाफ सहसो थाने में रिपोर्ट दर्ज करा दी। मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने मामले की विवेचना की और आरोप पत्र न्यायालय सुनवाई के लिए प्रेषित कर दिए। मामले की सुनवाई अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट आशीष पांडे ने की। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने शिव सिंह को दोषी पाते हुए उसे चार साल की सजा और पांच हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड जमा न करने पर उसे छह माह का अतिरिक्त कारावास भोगना पड़ेगा।
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मारपीट के मामले में चार को दो दो साल की सजा
पांच हजार रुपये के अर्थ दंड से भी किया गया दंडित
इटावा। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट आशीष पांडे ने मारपीट के मामले की सुनवाई करते हुए चार लोगों को दोषी पाते हुए उन्हें दो दो साल की सजा सुनाई। इसके साथ पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना भी किया है। मामला 18 साल पुराना है।
सहायक अभियोजन अधिकारी प्रभात श्रीवास्तव ने बताया कि जसवंत नगर थाना क्षेत्र के गांव तुलारामपुर निवासी बलबीर सिंह सात अक्टूबर 2004 को अपने खेतों पर गए थे। उनके ही गांव रामदास , प्रमोद कुमार जनमेद सिंह व सुभाष कुमार उनकेखेत की मेड़ काट रहे थे। जब बलबीर ने मेड़ काटने से मना किया तो इसी बात से नाराज होकर इन लोगों ने बलबीर के साथ मारपीट की। बलबीर को बचाने के लिए उनके पिता और भाई आए तो उनके साथ भी मारपीट की गई।
इस संबंध में बलबीर ने जसवंत नगर थाने में मामला दर्ज कराया। मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने छानवीन की और साक्ष्य संकलित कर आरोप पत्र सुनवाई के लिए कोर्ट में प्रेषित कर दी। मामले की सुनवाई अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट आशीष पांडे ने की। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने राम दास प्रमोद कुमार जनमेद सिंह व सुभाषचंद्र को दोषी करार दिया। दोषीपाए जाने पर कोर्ट ने दो दो सालकी सजा व पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया। जुर्माना अदा न करने पर उन्हें छह माह का अतिरिक्त कारावास भोगना पडेगा।
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