चकरनगर। बाढ़ प्रभावित गांवों के स्कूलों की कक्षाएं लगातार दूसरे दिन भी बुधवार को विद्यार्थी न होने से सूनी पड़ी रहीं। शिक्षकों के बुलाने पर भी बच्चे स्कूल नहीं आ रहे हैं। जागरूक परिवारों के कुछ बच्चे स्कूल आ रहे हैं। हालांकि बच्चे ज्यादातर स्कूल के ग्राउंड में खेलते दिखते हैं। अध्यापकों ने बताया कि जब तक व्यवस्था पटरी पर नहीं आ रही, खेलकूद की अनुमति दी गई है।
बाढ़ प्रभावित गांवों के स्कूलों में कहीं फर्नीचर बाढ़ के पानी से बेकार हो गए हैं तो कहीं कमरे बैठने लायक नहीं रहे। स्कूलों के आसपास गंदगी शिक्षकों के लिए समस्या बनी हुई है। ब्लाक क्षेत्र चकरनगर में उच्च प्राथमिक विद्यालय 30, कंपोजिट विद्यालय कक्षा एक से आठ तक 27 तथा 87 प्राथमिक विद्यालय स्थापित हैं।
कुल 8862 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। उच्च प्राथमिक कक्षाओं में 2760 छात्र-छात्राएं हैं। शिक्षा विभाग के अनुसार स्कूल में पढ़ने के लिए 30 से 40 फीसदी बच्चे ही स्कूल आ रहे हैं। डिभोली उच्च प्राथमिक विद्यालय में 28 में से 15 बच्चे ही पहुंच रहे हैं। शिक्षा विभाग ने अभी पुस्तकें भी नहीं दी हैं। पिछले साल की किताबों से ही पढ़ाई करवाई जा रही है।
खंड शिक्षा अधिकारी चकरनगर अल्केश कुमार ने बताया कि बच्चों के नए पाठ्यक्रम की पुस्तकें जिला स्तर पर आ चुकी हैं। शीघ्र ही ब्लाक स्तर पर पहुंचते ही स्कूलों में वितरित करवा दी जाएंगी। बाढ़ के चलते व्यवस्था पटरी से उतर गई है। सभी विद्यालयों को निर्देशित किया गया है कि बच्चों को स्कूल लाने का कार्य करें।