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अपहरण व हत्या के मामले में पांच को आजीवन कारावास

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इटावा। अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय कल्पना ने आठ साल पहले हुई अपहरण और हत्या के मामले में पांच आरोपियों को साक्ष्यों के आधार पर दोषी करार देकर आजीवन कारावास की सजा सुनाई। दोषियों पर 35-35 हजार का जुर्माना भी लगाया गया है। संदेह का लाभ देकर कोर्ट ने दो आरोपियों को बरी कर दिया। समय पर कोर्ट में हाजिर न होने पर एक आरोपी को छह माह की सजा सुनाई है।
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अपर जिला शासकीय अधिवक्ता वीरेंद्र सिंह वर्मा ने बताया कि जौनपुर जिले के मछली शहर थाना क्षेत्र के सलीम को रिश्तेदारों ने 12 दिसंबर 2013 को कानपुर बुलाया था। 13 दिसंबर को पत्नी की सलीम से बात हुई, इसके बाद उनका मोबाइल स्विच ऑफ हो गया। पत्नी की सूचना पर मछली शहर पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर ली।
14 दिसंबर को सलीम का शव भरेह थाना क्षेत्र में चकरनगर रोड पर पड़ा मिला था। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। बेटे शकील ने भरेह थाने में तहरीर दी लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। इसके बाद उसने मछलीशहर थाने में अपहरण और हत्या कर शव को फेंकने की तहरीर दी। पुलिस ने अपराध संख्या निल पर मुकदमा कर भरेह भेज दिया। भरेह थाने के एसओ संजय सिंह ने चार अप्रैल 2014 को जायलो कार में सवार चकेरी थाना क्षेत्र के सदानंद नगर अहिरवां निवासी जितेंद्र सिंह चौहान उर्फ रिंकू, कानपुर नगर के विधनू थाना क्षेत्र के लरकूला निवासी वंशलाल पाल को पकड़ा। उनके पास दो तमंचे और कारतूस बरामद किए गए। दोनों ने साथियों के साथ मिलकर सलीम की हत्या कर शव को फेंकने की बात कबूल की।
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पुलिस ने उनके साथी उन्नाव जिले के बांगरमऊ थाना क्षेत्र के भठियापुरा निवासी अब्दुल रसीद, सुल्तानपुर जिले के गोसाईगंज थाना क्षेत्र के गुप्तारगंज निवासी राम बहादुर यादव और जौनपुर के बदलापुर निवासी शोएब को गिरफ्तार किया। बदलापुर निवासी दो भाइयों इबरार व शेर अली को भी आरोपी बनाया।
कोर्ट ने साक्ष्यों के आधार पर अब्दुल रसीद, रामबहादुर यादव, जितेंद्र सिंह चौहान, वंशलाल पाल, शोएब को दोषी करार देकर आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इबरार व शेर अली को संदेह का लाभ देकर बरी कर दिया। अपर शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि शेर अली खान समय सीमा में कोर्ट में हाजिर नहीं हुआ था। उसे छह माह की सजा व पांच हजार के जुर्माने से दंडित किया गया है।
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