इटावा। जिले में फायर सर्विस की व्यवस्था बदहाल सिस्टम की मार झेल रही है। हालात ये हैं कि सरैया चुंगी के पास फायर स्टेशन निर्माण के लिए विभाग के पास जमीन तो है, लेकिन बजट नहीं। इसके चलते स्टेशन का निर्माण नहीं हो पा रहा है।
वर्ष 1992 में फायर विभाग को सरैया चुंगी स्थित आवासीय अनुसूचित जाति छात्रावास के पास खाली पड़ी करीब तीन एकड़ जमीन स्टेशन निर्माण के लिए हैंडओवर की गई थी। इसके बाद इस जमीन को दो लोगों ने अपनी बताकर कोर्ट में आपत्ति दर्ज कराई। इसके चलते फायर स्टेशन निर्माण में अड़ंगा लग गया। लगभग 25 साल चले मुकदमे के बाद हाईकोर्ट ने जमीन 2016-17 में फायर विभाग की होने का फैसला दिया।
इसके बाद स्टेशन निर्माण के लिए एक बार फिर से कवायद तेज हुई। तत्कालीन सीएफओ ने स्वीकृत जमीन पर फायर स्टेशन बनाने के लिए शासन स्तर पर कई बार पत्र लिखा, लेकिन बजट को स्वीकृति नहीं मिली। जुलाई 2019 को जिले के फायर विभाग का कार्य सीएफओ तबारक हुसैन ने संभाला। वे भी फायर स्टेशन के लिए कई बार शासन को पत्र भेज चुके हैं, लेकिन अभी तक शासन से निर्माण के लिए धनराशि जारी नहीं हो सकी है।
इटावा पूर्व मुख्यमंत्री, पूर्व रक्षामंत्री मुलायम सिंह व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का गृह जनपद है। ऐसे में यहां हर महीने दो-तीन बार वीआईपी और वीवीआईपी का दौरा होता रहता है। तत्कालीन व वर्तमान सीएफओ ने कई बार जनप्रतिनिधियों को मामले से अवगत कराया लेकिन फायर स्टेशन निर्माण की पहल अभी तक नहीं हुई है।
ऐसा नहीं है कि शासन स्तर से अग्निशमन केंद्र निर्माण को बजट जारी नहीं हो सकता। स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा से ऐसा नहीं हो पा रहा। शासन स्तर पर अभी तक किसी ने मजबूत पैरवी नहीं की। स्थानीय लोगों की मानें तो कोई सांसद या विधायक इसके लिए मजबूत पैरवी नहीं कर रहा है। इसलिए पैसा नहीं जारी हो सका है।
पद वर्तमान जरूरत मौजूद
फायरमैन 69 25
हवलदार 9 6
एफएसएसओ 4 0
एफएसओ 4 0
सफाई कर्मी 4 1
फालोअर 8 2
चालक 10 14
इटावा पुलिस लाइन में उधार के दो कमरों में मुख्य अग्निशमन अधिकारी का कार्यालय संचालित है। वहीं, पुलिस लाइन के टीन शेड व मैदान पर फायर विभाग की गाड़ियां भी खड़ी रहती हैं। विभाग के पास अपना कार्यालय नहीं है, जबकि भूमि सालों पहले आवंटित हो चुकी है।
जिले के 19 लाखों लोगों को आग से बचाने का जिम्मा फिलहाल इटावा व सैफई फायर स्टेशन के कंधों पर है। हालात ये हैं कि कहीं भी आग लगने पर ग्रामीणों को अपने संसाधनों से आग बुझानी पड़ती है। क्योंकि जब तक दमकल पहुंचती है, तब तक सब कुछ राख हो चुका होता है।
शासन की मंशा के अनुसार प्रत्येक तहसील में अग्निशमन केंद्र होना चाहिए। जिले में अभी इटावा व सैफई तहसील में ही अग्निशमन केंद्र संचालित है। भरथना व चकरनगर में अग्निशमन केंद्र निर्माणाधीन है। वहीं जसवंतनगर व ताखा में अग्निशमन केंद्र निर्माण का प्रस्ताव विचाराधीन है।
इटावा अग्निशमन केंद्र के भवन निर्माण के लिए वह कई पर पत्र लिखकर शासन से बजट की मांग कर चुके हैं लेकिन अभी तक पैसा जारी नहीं हो सका है। - तबारक हुसैन, मुख्य अग्निशमन अधिकारी