इटावा। रबी फसलों की बुवाई से पहले किसान बीजों की ऑनलाइन बुकिंग करा लें, ताकि समय से बीज उपलब्ध हो सकें। इसके साथ ही किसान फार्मर रजिस्ट्री का कार्य भी पूरा करा लें, जिससे सरकारी योजनाओं और अनुदान का लाभ मिलने में परेशानी न हो। बुधवार को कृषि भवन में आयोजित किसान दिवस एवं कृषक वैज्ञानिक संवाद कार्यक्रम में किसानों को कृषि विभाग की योजनाओं की जानकारी देने के साथ ही पराली प्रबंधन और प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
उप कृषि निदेशक सतीश कुमार की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में 72 किसानों सहित कुल 83 लोग शामिल हुए। अधिकारियों ने बताया कि रबी फसलों के बीजों की ऑनलाइन बुकिंग के बाद जरूरत के अनुसार बीज वितरण के लिए ई-लॉटरी की व्यवस्था भी की जाती है। किसानों से समय रहते बुकिंग कराने की अपील की गई। अधिकारियों ने पराली जलाने से होने वाले पर्यावरणीय नुकसान के प्रति सचेत करते हुए बताया कि खेत में पराली जलाने पर कृषि भूमि के क्षेत्रफल के अनुसार जुर्माना लगाया जा सकता है। दो एकड़ तक की भूमि पर पराली जलाने पर पांच हजार रुपये, दो से पांच एकड़ तक 15 हजार रुपये और पांच एकड़ से अधिक क्षेत्रफल पर 30 हजार रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है। कंबाइन हार्वेस्टर से कटाई के दौरान एसएमएस लगवाने और फसल अवशेषों का उचित प्रबंधन करने पर भी जोर दिया गया। किसानों को प्राकृतिक खेती के तहत जीवामृत, घनजीवामृत, नीमास्त्र और ब्रह्मास्त्र जैसे जैविक उपाय अपनाने की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने कहा कि खेती की लागत कम करने और आमदनी बढ़ाने के लिए किसान फसल विविधीकरण के साथ पशुपालन, मत्स्य पालन और बागवानी जैसी गतिविधियों को भी अपनाएं। कार्यक्रम में कृषि अधिकारी ओमकार सिंह, कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. वीबी जायसवाल और एआर कॉपरेटिव कमलेश नारायण वर्मा रहे।