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बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे का काम 15 दिन से बंद

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ऊसराहार। भुगतान के पेच में बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे का निर्माण बीते 15 दिनों से बंद है। एक्सप्रेसवे का निर्माण करा रही संस्था से जुड़े ठेकेदारों की ओर से किसानों से खरीदी गई मिट्टी का भुगतान नहीं किया गया है। परेशान किसान ठेकेदारों से लेकर निर्माणदायी संस्था के कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। मंगलवार को प्रभावित किसानों ने एक्सप्रेसवे पर आकर प्रदर्शन किया। आक्रोशित किसानों ने भुगतान होने तक काम शुरू न होने देने का एलान किया है।
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ताखा तहसील क्षेत्र में निर्माणाधीन एक्सप्रेसवे के लिए मिट्टी खरीद में बड़ी संख्या में किसानों की धनराशि बकाया है। यहां दिलीप बिल्डकॉन निर्माणदायी संस्था है। अकेले पटियात गांव में ही किसानों का 20 लाख रुपये बकाया है। इस गांव में धर्मेंद्र सिंह का 6 लाख 40 हजार, राम औतार का 3 लाख 50 हजार, कमलेश सिंह का एक लाख 90 हजार, जगदीश का 2 लाख 45 हजार, मनोज कुमार का एक लाख 80 हजार, अवधेश सिंह का एक लाख 90 हजार, मान सिंह का एक लाख 20 हजार रुपये का भुगतान बकाया है। इसी तरह चित्तरपुर के सुघर सिंह, रजनीश यादव, श्रीचंद, शिशुपाल आदि की महीनों पहलेे खरीदी गई मिट्टी का भुगतान नहीं हुआ है।
दिलीप बिल्डकॉन के प्रोजेक्ट हेड उत्तम कुमार ने बताया कि कंपनी सभी का भुगतान कर रही है। किसानों ने ठेकेदारों (सब कांट्रैक्टरों) को मिट्टी बेची है तो कार्यालय आकर संपर्क कर सकते हैं। उनका बकाया दिलाया जाएगा।
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ऊसराहार। बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के 292 किलोमीटर के दायरे लिए शासन ने कई निर्माण संस्थाओं को जिम्मेदारी दी है। इन कंपनियों ने इस काम में कई सब कांट्रैक्टरों को भी जोड़ लिया है। इनसे कंपनी मिट्टी खरीद आदि का काम करवाते हैं। ताखा क्षेत्र में भी निर्माण कंपनी ने 20 किलोमीटर के क्षेत्र में कई ठेकेदारों को काम दिया है। यह ठेकेदार किसानों से मिट्टी खरीद का काम करते हैं।
ऊसराहार। बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर ताखा क्षेत्र में बारिश न होने के बावजूद मिट्टी का काम बीते 15 दिनों से ठप है। अभी पुलों के पास मिट्टी भराई का काफी ज्यादा काम बकाया है। इसी तरह इलेक्ट्रिक टावरों के पास भी मिट्टी का काम बाकी है। भुगतान में देरी का असर एक्सप्रेसवे के निर्माण की गति पर पडे़गा। दूसरी ओर, योगी सरकार विधानसभा चुनावों से पहले ही एक्सप्रेसवे पर वाहनों को दौड़ाना चाहती है।
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