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उद्घाटन पर अटकीं तीन ऑक्सीजन प्लांटों की सांसें

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सैफई। चिकित्सा विश्वविद्यालय में प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री केयर फंड से बने ऑक्सीजन प्लांटों को मरीजों को सांसें देने से पहले माननीयों से उद्घाटन कराए इंतजार है। उद्घाटन न होने के कारण इन प्लांटों में अभी ऑक्सीजन बननी शुरू नहीं हो सकी है। हालांकि, विश्वविद्यालय के कुलपति का कहना है कि सोमवार से तीनों प्लांटों में ऑक्सीजन बननी शुरू हो जाएगी।
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ऑक्सीजन की समुचित व्यवस्था के लिए पीएम व सीएम केयर फंड से ऑक्सीजन प्लांट लगाए जा रहे हैं। इसी के तहत जिले के अस्पतालों में नौ प्लांट तैयार किए जा रहे हैं। सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी में 1000 एलपीएम (लीटर प्रति मिनट) क्षमता के तीन नए प्लांट लगाए गए हैं। इनमें सीएम केयर फंड से एक करोड़ 86 लाख रुपये की लागत से दो ऑक्सीजन प्लांट शामिल हैं। दोनों प्लांट 13 जून को बनकर तैयार हो गए थे।
उसी दिन कार्यदायी संस्था ने यह प्लांट चिकित्सा विश्वविद्यालय को हैंडओवर कर दिया था। पीएम केयर फंड वाला प्लांट एक जुलाई को बनकर तैयार हुआ। इसे भी कार्यदायी संस्था ने नौ जुलाई को यूनिवर्सिटी प्रशासन को सौंप दिया। सूत्रों के अनुसार उद्घाटन के इंतजार में प्लांट शुरू नहीं हो सके हैं। मेडिकल यूनिवर्सिटी प्रशासन किसी बड़े अफसर या जनप्रतिनिधि के हाथों इनका शुभारंभ करना चाह रहा है।
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यूनिवर्सिटी में तीन नए ऑक्सीजन प्लांटों का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। कुछ छोटी-छोटी खामियां हैं, जिन्हें दो-चार दिन में दूर करा दिया जाएगा। सोमवार से तीनों प्लांट शुरू हो जाएंगे।
- प्रोफेसर डॉ. रमाकांत यादव, कुलपति, मेडिकल यूनिवर्सिटी सैफई
विश्वविद्यालय प्रशासन ने ऑक्सीजन प्लांट लगाए जाने का प्रस्ताव शासन को 25 अप्रैल को भेजा था। 3 मई को हरी झंडी मिल गई थी। फंड भी जारी हो गया था। शासन ने 18 मई तक दोनों ऑक्सीजन प्लांट शुरू कराए जाने के निर्देश दिए थे। 22 मई को मेडिकल यूनिवर्सिटी का मुआयना करने पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का ऑक्सीजन प्लांटों का निर्माण अधूरा देख मूड बिगड़ गया था। उन्होंने अफसरों से नाराजगी भी जताई थी। इसके बाद अभी तक तीनों नए प्लांटों में एक में भी ऑक्सीजन बननी शुरू नहीं हुई है।
जिला अस्पताल पुरुष व महिला के अलावा चार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में ऑक्सीजन प्लांट बनाने के लिए विधायकों ने अपनी निधि से धनराशि जारी कर दी है। जिला अस्पताल में अभी एक ऑक्सीजन प्लांट बनना शुरू हुआ है, लेकिन निर्माण की गति काफी धीमी है। हालत यह है कि इस ऑक्सीजन प्लांट की फाउंडेशन भी अभी पूरी तरह से तैयार नहीं हुई है। उदी, बकेवर, भरथना व ताखा सीएचसी में से एक भी स्थान पर ऑक्सीजन प्लांट का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका है। ऐसे में जुलाई के अंत तक सभी ऑक्सीजन प्लांट कैसे चालू हो सकेंगे, यह तो प्रशासनिक और स्वास्थ्य विभाग के अफसर ही बता सकते हैं। कानपुर मंडल के मंडलायुक्त ने भी जुलाई अंत तक ऑक्सीजन प्लांट चालू कराए जाने के निर्देश अफसरों को दे रखे हैं।
विश्वविद्यालय में दो ऑक्सीजन प्लांट सपा शासनकाल में लगाए गए थे। यह प्लांट दो साल से खराब चल रहे थे। 7 मई को मेडिकल यूनिवर्सिटी पहुंची 509 आर्मी बेस वर्कशॉप आगरा की 10 सदस्यीय तकनीकी टीम ने एक प्लांट को मरम्मत के बाद चालू कर दिया था। दूसरा प्लांट पुर्जे न मिलने की वजह से ठीक नहीं हो सका था। यह प्लांट लगभग कंडम हो चुका है।
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