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योग दिवस विशेष : 50 की उम्र में आज भी करते है तीस योगासन

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अमृत सिंह यादव - फोटो : ETAWAH
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निवाड़ीकला। आज योग ने हर वर्ग पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली है। युवा हो या बुजुर्ग या फिर बच्चे सभी का रुझान भी योग क्रियाओं की तरफ आकर्षित हुआ है। जो कही न कही हमारे समाज के लिए अच्छाई का संकेत है। बीते कुछ वर्षों से योग क्रियाओं पर लोगों ने खूब पसीना बहाया है। जिससे उन्हें राहत भी मिली है और वह निरोगी भी रहे है।
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आज अंतर राष्ट्रीय योग दिवस है। आज देश के कोने-कोने में लोगों ने योग को अपनाया है। योग गुरुओं के मुताबिक कई ऐसी क्रियाएं हैं जिनसे असाध्य से असाध्य बीमारियों को ठीक किया जा सकता है।
हालांकि बीते दो वर्षों से कोरोना रूपी महामारी ने योग सामूहिक योग क्रियाओं पर रोक जरूर लगाई है। ऑनलाइन योग की मांग भी बढ़ रही है। अब सोशल मीडिया के प्लेटफॉर्म पर तमाम ऐसे योग गुरु है जो घर बैठे आपको कई महत्वपूर्ण योगासन आसानी से सिखा देते है ।
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वर्षों से योग क्रियाओं को करने वाले लोगों से बातचीत ....
नगला खिमन निवासी अमृत सिंह यादव कहते है कि वह 25 वर्षों से योग कर रहे हैं। शुरुआती दिनो में क्रियाओं की संख्या सीमित थी लेकिन समय बीतने के साथ साथ अब वह योग करने में एक्सपर्ट हो गए है।
वह स्वयं के साथ साथ परिजनों को भी योग की क्रियाएं करवाते है। उन्होंने बताया कि उनकी उम्र 50 के करीब है। लेकिन योग की क्रियाएँ करने में वह उम्र को आड़े नही आने देते है। स्वस्थ भी है प्रतिदिन 1:30 मिनट योग करते है। लेकिन उन्होंने कभी कमजोरी महसूस नही की और ना ही किसी बीमारी से ग्रस्त है।
सेवानिवृत्त अध्यापक राम प्रकाश ओझा का कहना है कि शारीरिक बनावट और रोगों से बचने के लिए योग करना एक अच्छा विकल्प है। आज रसायनों के अधिक प्रयोग से हर खाने की चीज दूषित है इसी वजह से बीमारियां बढ़ रही है।
योगाभ्यास से बीमारियों से काफी हद तक बचा जा सकता है। उन्होंने बताया वह प्रतिदिन एक घंटे योग करते है इससे उन्हें काफी राहत मिल रही है। उन्हें घुटनों में काफी दर्द था जबसे योग की क्रियाएं शुरू की है तब से काफी राहत महसूस कर रहे है ।
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इन आसनों से मिलता है लाभ .....
सूर्य नमस्कार, ताड़ासन, वृक्षासन, त्रिकोडासन, हस्त पादासन, चक्र आसन, श्वासन
प्राणायाम में कपालभाती, भस्तीका, बाह्य कुम्भक, अंत कुम्भक, अनुलोम विलोम, ऊज्जाई, सूर्यभेदी, चंद्रभेदी, भ्रामरी

रामप्रकाश ओझा- फोटो : ETAWAH

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