इटावा। एक मजदूर को जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए मारपीट करने के मामले में कोर्ट ने आरोपी को सात साल बाद तीन साल की सजा सुनाई है। इसके साथ ही आरोपी पर छह हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
विशेष शासकीय अधिवक्ता रमाकांत चतुर्वेदी ने बताया कि भरथना निवासी कुलदीप ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें कहा था कि 24 जुलाई 2014 को वह नित्य क्रिया के लिए खेतों में गया था।
जहां गांव के राकेश चंद्र दीक्षित व आशीष कुमार ने उसकी लात-घूसों से पिटाई की। इसके साथ ही जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर जान से मारने की धमकी दी थी।
पुलिस ने जांच के दौरान अपराध में शामिल नहीं होने पर आशीष का नाम मुकदमे से बाहर कर दिया था। जबकि मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था, जो अभी जमानत पर बाहर था।
इस मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी (पीए) एक्ट में चल रही थी। जहां बुधवार को न्यायाधीश सुरेश चंद्र भारती ने आरोपी राकेश चंद्र दीक्षित को दोषी मानते हुए तीन साल की सजा सुनाई। सजा सुनाए जाने के बाद आरोपी को पुलिस अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।