इटावा। तैैराकी सीखने के शौकीन जल्द ही ज्योतिबा बाई फूले स्टेडियम में स्वीमिंग सीख सकेंगे। इसके लिए जिला क्रीड़ा अधिकारी ने स्टेडियम में खाली पड़ी जमीन पर स्वीमिंग पूल निर्माण का प्रस्ताव तैयार करके विभाग को भेजा है। स्वीकृति मिलते ही स्टेडियम में पूल के निर्माण का काम शुरू हो जाएगा।
ज्योतिबा बाई फूले स्टेडियम में खेलकूद के अधिकतर संसाधन मौजूद है, लेकिन तैराकी के लिए यहां पर पूल की व्यवस्था नहीं है। इसके चलते तैराकी सीखने के शौकीन युवा व बच्चे पड़ोस के जिलों में जाकर तैयारी करते हैं।
इसमें उनका काफी पैसा भी खर्च होता है। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों के युवका यमुना, चंबल व सेंगर नदी या नहरों में तैराकी सीखते है। कभी-कभी नदी व नहरों में तैराकी सीखना लोगों की जान पर बन आती है।
इन समस्याओं को दूर करने का प्रयास जिला क्रीड़ा अधिकारी नरेश चंद्र यादव ने शुरू किया है। उन्होंने स्टेडियम के दक्षिण क्षेत्र में खाली पड़ी जगह पर 25.25 मीटर का स्वीमिंग पूल निर्माण का प्रस्ताव तैयार करके विभाग को भेज दिया है।
उनके अनुसार स्वीमिंग पुल के निर्माण में तकरीबन चार से पांच करोड़ रुपये का खर्च आएगा। प्रस्ताव पास होने के बाद पूल का निर्माण शुरू हो गया।
बच्चों के लिए होगा ढाई फीट पानी
स्वीमिंग पूल में बच्चों के लिए ढाई फीट तक और युवाओं के लिए छह फीट तक पानी होगा, जिससे किसी प्रकार की कोई अनहोनी न हो सके। इसमें अलावा परिसर में पवेलियन व खिलाड़ियों के लिए चेजिंग रूम भी बनेगा।
स्टेडियम में स्वीमिंग पूल बनाए जाने का प्रस्ताव विभाग को भेजा गया है। अनुमित मिलने पर निर्माण शुरू कराया जाएगा। स्वीमिंग पूल में युवाओं व बच्चों के लिए तैराकी सीखने का स्थान अलग-अलग होगा। - नरेश यंद्र यादव, जिला क्रीड़ा अधिकारी