इटावा। रक्षाबंधन के दिन बहन अपने भाई को तिलक करती है, रक्षा सूत्र बांधती है और मुंह मीठा करती है। अर्थात तिलक आत्मिक स्मृति का यादगार है कि मै आत्मा हूं जब आत्म स्मृति रहेगी, तभी हमारे जीवन में शुद्धता आएगी और फिर रक्षा सूत्र बांधते हैं।
वह हमारी मर्यादा का प्रतीक है। यह बात शुक्रवार को प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के तत्वाधान में आईटीआई कॉलेज केंद्र में आयोजित रक्षाबंधन कार्यक्रम में केंद्र संचालिका ब्रह्माकुमारी दीप्ति बहन ने रक्षाबंधन का अर्थ समझाते हुए कही।
उन्होंने कहा कि हम उस मर्यादा में रहकर एक दूसरे की रक्षा करें। जब हमारे जीवन में यह स्मृति होगी तो मर्यादा होगी। मुख मीठा कराते हैं अर्थात हमारी वाणी मधुर हो और हमारे जीवन में दिव्यता हो।
उपहार देते हैं अर्थात अपने अंदर की कमी कमजोरी जो हमें खुद में ही परेशान करती है वो अपनी बहन को दें। इस मौके पर ज्योत्सना बहन ने लोगों को बुराइयां छोड़कर और मानवता में रहने का संदेश दिया।
इस मौके पर बहनों ने कई लोगों को राखियां बांधी। कार्यक्रम में भ्राता कमलेश, संतोष, अखिलेश, दीपक, रामबाबू पांडे, खुशबू, ममता, तारावती, गुड्डन, नीलम, ललिता, रूबी, सुमन, सरला, शकुंतला, फुलश्री आदि मौजूद रहीं।