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औरैया सड़क हादसे में इटावा के एक छात्र की मौत, छह घायल

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मृतक अंकुर की फाइल फोटो - फोटो : ETAWAH
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सैफई। औरैया के थाना अजीतमल, प्रतापपुर गांव के सामने रविवार सुबह करीब पांच बजे प्राइवेट बस आगे चल रहे डंपर में जा घुसी। हादसे में इटावा के रोडवेज चालक के इकलौते बेटे की मौत हो गई।
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बस में सवार आठ छात्र घायल हो गए। घायल छात्रों का सैफई पीजीआई में इलाज चल रहा है। छात्र ट्रिपल-सी की परीक्षा देकर लौट रहे थे। हादसे की वजह बस चालक की लापरवाही बताई गई है। चालक हादसे से पूर्व ही चलती बस से कूदकर भाग गया।
सैफई के चौबेपुर गांव निवासी राजवीर सिंह का बेटा अंकुर (25) शुक्रवार को अपने 20 दोस्तों के साथ ट्रिपल-सी की परीक्षा देने प्राइवेट बस से मध्य प्रदेश के जिला छतरपुर के पन्ना-खजुराहो रोड स्थित महाराज छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय गया था।
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शनिवार को मैनपुरी व इटावा समेत अन्य छात्रों की शनिवार सुबह तीन पालियों में परीक्षा हुई। छात्र शनिवार शाम करीब साढ़े सात बजे तीन बसों में सवार होकर घर लौट रहे थे। सबसे आगे इटावा के छात्रों की बस चल रही थी।
छात्रों ने बताया कि चालक तेज रफ्तार से बस चला रहा था। विरोध के बाद भी बस चालक अनसुनी करता रहा। छात्रों ने बताया कि तेज रफ्तार के चलते रास्ते में कई जगह बस दुर्घटनाग्रस्त होने से भी बची।
रविवार सुबह करीब पांच बजे बस औरैया के थाना अजीतमल, प्रतापपुर गांव के सामने पहुंची। चालक आगे जा रहे डंपर को ओवरटेक करने का प्रयास करने लगा। तभी बस अनियंत्रित हो गई। चालक चलती बस से नीचे कूद गया।
बस आगे चल रहे डंपर में जा घुसी। हादसे में सैफई के चौबेपुर गांव निवासी छात्र अमनदीप, अंशुल, सौरभ, ऋषभ, दीपक, मैनपुरी निवासी परिचालक गंभीर सिंह, अंकुर (25) समेत नौ लोग घायल हो गए।
छात्रों नेे 108 व 112 पर कई बार कॉल की, लेकिन पुलिस, प्रशासन मदद के लिए नहीं पहुंचा। इस बात से गुस्साए छात्रों ने हाईवे पर जाम लगाने का प्रयास किया। बाद में वाहनों की मदद से घायल साथियों को सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी में भर्ती कराया। यहां इलाज के दौरान राजवीर के बेटे अंकुर की मौत हो गई।
मान लेता बात तो न होता हादसा
छात्र अमरदीप ने बताया कि बस चालक अगर छात्रों की बात मान लेता तो हादसा नहीं होता। दोस्त अंकुर आज उन लोगों के साथ में होता। चालक बस को लापरवाही व तेज गति से चला रहा था। छात्रों ने विरोध किया तो चालक बोला, मालिक के हाथ में जब तक गाड़ी रहती है तब तक स्लो चलती है, उसके बाद गाड़ी इसी प्रकार से चलती है।
आठ माह की गर्भवती पत्नी हुई विधवा
अंकुर राजवीर का इकलौता बेटा था। उसकी दो बहनें हैं। अंकुर की शादी एक साल पहले चौबिया के साहवरपुर गांव निवासी रामजी लाल की बेटी ज्योति से हुई थी। ज्योति आठ की गर्भवती है। हादसे के बाद से अंकुर की मां सरला देवी, पत्नी व बहनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पिता यह कहकर रो रहे कि पता होता तो बेटे को परीक्षा देने नहीं भेजते।

घटना की जानकारी देता छात्र अमनदीप- फोटो : ETAWAH

मोर्चरी के बाहर मौजूद अंकुर के परिजन- फोटो : ETAWAH

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