इटावा। बसरेहर ब्लाक की ग्राम पंचायत अमृतपुर में लगभग दो साल पहले हुए आवास घोटालों में दोषी पाए गए पूर्व प्रधान व ग्राम पंचायत के दो सचिवों के खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेज तैयार करना, सरकारी धन का दुरुपयोग समेत कई धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
अमृतपुर निवासी अनिल कुमार ने पांच सितंबर 2019 को डीएम को अर्जी देकर कहा था कि ग्राम पंचायत में बनाए गए आवासों में कई ऐसे लाभार्थी हैं, जो पहले ही आवास पा चुके हैं। उनका नाम बदलकर फिर से उन्हीं को ही आवास का लाभ दिया गया है।
इतना ही नहीं जिन लोगों ने पैसे दिए, उनके शौचालयों का निर्माण करा दिया गया। पैसे न देने वाले लोगों के शौचालय अभी तक अधूरे पड़े हुए हैं। तत्कालीन डीएम ने मामले की जांच के आदेश दिए थे।
जांच टीम मौके पर पहुंची और शिकायतों की जांच की। इसी बीच कोरोना महामारी आ गई और जांच ठप हो गई। मामला ठंडे बस्ते में जाता देख अनिल ने दोबारा अफसरों को अर्जी देकर पूरे मामले में कार्रवाई की मांग की।
जांच कमेटी ने पाया कि वर्ष 2016-17 में 41 लोहिया आवास आवंटित किए गए। वहीं, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 2016-17, 2017-18 और 2018-19 में 26 आवास दिए गए।
इसमें कई आवास ऐसे लोगों को दिए गए, जो पहले लोहिया आवास ले चुके थे। उनका पहचान पत्र (आईडी) में बदलाव करके उन्हीं लोगों को प्रधानमंत्री आवास आवंटित कर दिए गए। इस तरह के आठ से ज्यादा मामले सामने आए।
जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट डीएम श्रुति सिंह को सौंपी। डीएम के आदेश पर इस मामले में पूर्व ग्राम प्रधान वेदपाल के खिलाफ एडीओ गुरु प्रसाद ने धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने, सरकारी धन का दुरुपयोग करने की रिपोर्ट दर्ज कराई।
जबकि, सहायक विकास अधिकारी विजेंद्र कुमार ने ग्राम पंचायत अमृतपुर की ग्राम विकास अधिकारी लता राजपूत व ग्राम विकास अधिकारी जितेंद्र कुमार पर भी इन्हीं धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई है। थाना प्रभारी विनोद कुमार ने बताया कि पूर्व प्रधान व दो ग्राम सचिवों के धोखाधड़ी समेत कई धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई है।