पिता के साथ बाइक पर छात्र अंशुल राठौर
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बकेवर। बकेवर का शुभ पाठक तिरंगे के सहारे यूक्रेन से निकलकर रोमानियां पहुंच गया है। उसे हवाई अड्डे के पास स्थित शेल्टर होम में अन्य भारतीय छात्रों के साथ ठहराया गया है। उसे अभी रोमानिया से इंडिया के लिए फ्लाइट नहीं मिल पाई है। फ्लाइट मिलते ही वतन वापसी होगी।
बकेवर के पटेल नगर निवासी मनोज पाठक का पुत्र शुभ पाठक यूक्रेन की राजधानी स्थित पॉलिटेक्निक से बीटेक की पढ़ाई कर रहा है। शुभ पाठक अपने अन्य साथी छात्रों के साथ रोमानियां के बॉर्डर पर सोमवार देर रात पहुंच गया । शुभ पाठक के पिता ने बताया कि कई घंटे बॉर्डर पर जांच के बाद बेटा रोमानिया में प्रवेश कर पाया था। वहां शेल्टर हाउस में उन्हें किसी प्रकार की कोई समस्या नहीं आ रही है। फिलहाल वह सुरक्षित रोमानिया तक आ गया है।
श़ुभ पाठक के घर पांचवें दिन अधिकारी परिजनों के पास पहुंचे और परिजनों से जानकारी ली। शुभ पाठक के बारे में जानकारी करने तहसीलदार भरथना प्रभात राय घर पहुँचे। तहसीलदार ने शुभ के पिता मनोज पाठक व मां विजया पाठक से शुभ के बारे में जानकारी ली।
इटावा। यूक्रेन के फंसे शहर के दो छात्रों के वतन वापसी की उम्मीद से चिंता में डूबे परिजनों के चेहरे पर अब उम्मीद के नजर आने लगे हैं। पूर्व सभासद इदरीश अंसारी का पुत्र अर्सलान कीव से निकलकर अब रोमानियां की तरफ चल दिया है। उसके तीन-चार दिनों में घर वापसी की उम्मीद है। सपा नेता धीरेंद्र यादव का पुत्र रोहन भी डिनपो से हंगरी की तरफ आगे बढ़ा है। छात्रा फरहत तनवीर अभी खारकीव में ही फंसी है। मंगलवार को वह भी निकलने वाली थी परंतु पास की बिल्डिंग पर बम गिरा। इस वजह से अपने स्थान से नहीं निकल सकी। उसका परिजनों से संपर्क बना हुआ है।
पूर्व सभासद इदरीश अंसारी ने बताया कि उनका पुत्र अर्सलान एमबीबीएम प्रथम वर्ष के लिए खारकीब में पढ़ने गया था। युद्ध के बाद से ही वहीं बंकर में फंसा था। मंगलवार शाम साढ़े 4 बजे उसने बताया कि वह रेलवे स्टेशन पर आ गया है। यहां से ट्रेन में बैठकर रोमानियां तक जाएगा। रोमानियां से उसकी देश वापसी होगी। युद्घ क्षेत्र से उसके बाहर निकल आने पर परिजनों को काफी तसल्ली मिली। इदरीश ने बताया कि उनके रिश्तेदार की पुत्री सेफी एमबीबीएस थर्ड ईयर कर रही है। वह अभी खारकीब से नहीं निकल सकी है। लालपुरा निवासी सपा नेता धीरेंद्र यादव ने बताया कि उनका पुत्र रोहन यादव भी बस में सवार होकर वहां से निकल पड़ा है। वह अपने साथियों के साथ हंगरी बार्डर की तरफ निकला है। परिवार वालों से उसका बराबर संपर्क बना हुआ है। परिवार के लोग उसकी सकुशल वापसी के लिए ईश्वर से प्रार्थना कर रहे हैं।
बकेवर। ग्राम कुड़रिया निवासी एडवोकेट अरविंद राठौर का पुत्र अंशुल राठौर सोमवार देर रात अपने घर पहुंच गया है। वह हमले से पहले ही यूक्रेन से निकल आया था।
वह 17 फरवरी को यूक्रेन से फ्लाइट पकड़कर सीधे दुबई पहुंचा। दुबई से वह मुंबई आया। दिल्ली में कुछ जरूरी कागजात और अपने काम से तीन दिन रुकने के बाद सोमवार देर रात अपने घर पहुंचा। अंशुल राठौर को पिता अरविंद राठौर बाइक से लेकर गांव पहुंचे।