ओपीडी गेट पर धरना देते रेजीडेंट डॉक्टर
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सैफई। प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय में रेजिडेंट डॉक्टरों ने एक सप्ताह बाद फिर से कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया। चौथे दिन बुधवार सुबह ओपीडी के मुख्य गेट पर धरना दिया। यहां पर 80 रेजीडेंट डॉक्टर हैं जिनके काम न करने से ओपीडी व इमरजेंसी वार्ड के मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
बता दें कि 27 नवंबर से नीट पीजी काउंसलिंग न होने के कारण रेजिडेंट डॉक्टरों ने कार्य बहिष्कार किया था। जिसमें नौ दिसंबर को केंद्र सरकार की ओर से एक सप्ताह का समय मांगा गया था। इसके बाद भी कोई प्रयास न होने पर रेजिडेंट डॉक्टरों ने दोबारा कार्य बहिष्कार शुरू किया है। डॉक्टरों का कहना है कि सरकार डॉक्टरों की मूल समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रही।
कार्य बहिष्कार से लोगों को परेशानी होती है। हर साल नीट पीजी से डॉक्टर्स का एक बैच प्रवेश लेता है। पीजी तीन साल का होता है इसलिए एक समय में डॉक्टर के तीन बैच होते हैं। एक बैच पास होकर जा चुका है। दूसरा बैच तीन चार महीने में पास हो कर चला जाएगा। इस तरह देश भर के अस्पतालों में सिर्फ एक तिहाई डॉक्टर ही रह जाएंगे। ऐसे में अगर तीसरी लहर आ जाती है तो पूरी स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा जाएगी। उधर, कार्य बहिष्कार के कारण ओपीडी में मरीजों को बिना इलाज के ही लौटना पड़ रहा है।