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चकरनगर में धान पंजीकरण का अब तक नहीं खुला खाता

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इटावा/ चकरनगर। एक नवंबर से जनपद में 27 क्रय केंद्रों पर शुरू हुई धान की खरीद को बीस दिन पूरे हो चुके हैं। इस दौरान 442 किसानों से 37 हजार क्विंटल धान की खरीद हो चुकी है। जबकि 332 किसानों का भुगतान भी कर दिया गया है। सोमवार से 6 नए क्रय केंद्र और शुरू हो गए हैं। क्रय केंद्रों पर पंजीकरण कराने वाले किसान ही धान बेच सकते हैं।
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जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी संतोष कुमार पटेल के अनुसार शनिवार तक खाद्य विभाग ने 2944 मीट्रिक टन, पीसीएफ ने 62 मीट्रिक टन, पीसीयू 208 मीट्रिक टन, एफसीआई ने 79 मीट्रिक टन धान की खरीद की है।
जनपद में चकरनगर तहसील में सिंचाई के अभाव में किसान धान की फसल की खेती नहीं करते हैं। बावजूद क्षेत्र में धान पंजीकरण केंद्र खुला है, लेकिन अब तक पंजीयन कार्य शून्य है, इसकी वजह क्षेत्र में धान की पैदावार न होना बताया जाता है। इस पर किसानों का कहना है कि प्रशासन को पता होना चाहिए कि जिस क्षेत्र में धान का उत्पादन ही नहीं होता, तब ऐसे में धान का पंजीकरण केंद्र खोलना क्या सही निर्णय है। ऐसे में बीहड़ी क्षेत्र के किसान खासे नाराज हैं और वह खुलकर अपनी आपत्ति दर्ज करा रहे हैं।
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क्रय केंद्र खोलकर बना दिया उपहास का पात्र
किसान भूरे चौहान का कहना है क्षेत्र में धान क्रय केंद्र खोलकर किसानों का उपहास का पात्र बना दिया है। फसलों में क्षेत्रीय किसानों को समर्थन मूल्य मिलना चाहिए। उन फसलों की सरकारी खरीद का फायदा किसानों को मिलता नहीं। खाद-बीज के लिए किसान भटकता घूम रहा है। गेहूं की फसल के लिए निजी नलकूपों से पानी देना पड़ता है, तब कहीं जाकर फसलें पैदा होती हैं।
निजी नलकूपों से खरीदते हैं महंगा पानी
किसान ब्रह्म सिंह यादव का कहना है प्रशासन ने धान क्रय केंद्र चकरनगर गल्ला गोदाम पर खोल दिया। सरकारी मशीनरी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया कि क्षेत्र में धान की फसल पैदा ही नहीं होती। यहां का किसान जो फसलें पैदा करता है, वह भी निजी नलकूपों के सहारे महंगा पानी खरीद कर रहे हैं।
कम सिंचाई वाली फसलें करते हैं पैदा
किसान जागेश कठेरिया का कहना है बीहड़ी क्षेत्र में खेती-बाड़ी के लिए पर्याप्त सिंचाई के कोई संसाधन नहीं हैं। धान के लिए अधिक पानी की आवश्यकता होती है। क्षेत्र का किसान निजी नलकूपों के महंगे पानी होने के कारण कम सिंचाई वाली फसलें ही पैदा करते हैं। इसी से उनका गुजारा चलता है।
क्रय केंद्र पर पंजीकरण तक नहीं हुआ
चकरनगर गल्ला गोदाम प्रभारी व मार्केटिंग इंस्पेक्टर जितेंद्र कुमार ने बताया क्रय केंद्र पर अभी तक धान का एक भी दाना खरीद के लिए नहीं आया है। किसी किसान ने कोई पंजीकरण भी नहीं कराया है। इस बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। सरकारी आदेश का पालन करते हुए केंद्र पर सारी व्यवस्थाएं हैं या नहीं, इस बारे में कोई भी किसान धान के बारे में कुछ पूछने तक नहीं आया है।
क्रय केंद्र नहीं पंजीकरण केंद्र खुला
जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी संतोष कुमार पटेल का कहना है कि चकरनगर तहसील में कोई भी धान क्रय केंद्र नहीं बनाया गया है। लेकिन चकरनगर गल्ला गोदाम पर धान पंजीकरण केंद्र खोला गया है। ऐसा इसलिए किया कि कोई चकरनगर का निवासी हो।
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