इटावा। उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ी महिलाएं अब मीटर रीडिंग कर बिल जारी करने के साथ बकाया राशि जमा करने तक का पूरा काम करेंगे। आजीविका मिशन और विद्युत विभाग के बीच इस आशय की सहमति बन चुुुकी हे। अगले साल जनवरी के महीने से यह व्यवस्था शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में लागू हो जाएगी। इसके लिए प्रथम चरण में 135 महिलाओं का चयन कर प्रशिक्षित किया गया है।
महिलाओं को मीटर रीडिंग करने का पैसा भी मिलेगा। इस काम से जुड़ी महिलाओं को विद्युत सखी नाम दिया गया है। साथ शनिवार को उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन निगम ने विद्युत सखियों को विकास भवन में एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया। प्रभारी सीडीओ दीनदयाल ने प्रशिक्षण का शुभारंभ कर कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को अधिक से अधिक आजीविका से जोड़कर उनको लाभप्रद आय का साधन उपलब्ध कराया जा रहा है। बिजली बिल कलेक्शन करके न केवल महिलाओं की आय में वृद्धि हो रही, अपितु सरकार को राजस्व की अभूतपूर्व प्राप्ति हो रही है। आगे भी इसी प्रकार की अन्य योजनाओं से समन्वय कर समूह की महिलाओं को को सतत आय के स्रोत उपलब्ध कराने का कार्य किया जाएगा।
उपायुक्त स्वत: रोजगार बृजमोहन अंबेड ने कहा कि जनपद में 135 महिलाओं को चयनित किया गया है। इसमें से सभी महिलाएं सक्रिय रूप से कार्य कर रही है। समूह की अन्य इच्छुक महिलाओं को भी जोड़ने की प्रक्रिया चल रही, जिससे अधिक से अधिक महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराया जा सके। अधिशासी अभियंता विद्युत एसके मिश्रा ने बताया कि अब समूह की महिलाएं घर-घर जाकर बिजली संग्रहण का कार्य करेंगी। कार्य को तेजी से करने के लिए सुदूर देहात क्षेत्रों में कैंप आयोजित किया जाएगा। कहा कि समूह की महिलाओं के माध्यम से बिजली बिल घर से ही जमा कर सकते हैं।
जिला मिशन प्रबंधक सूर्य नारायण पांडेय ने बताया कि मिशन मुख्यालय अब विद्युत सखियों को रोजगार करने एवं विद्युत बिल कलेक्शन करने के लिए सहयोग के रूप में 30000 की धनराशि उनके वॉलेट में रिचार्ज कराएगा। बिलिंग एजेंसी के सदस्यों ने प्रोजेक्टर से प्रशिक्षण दिया। इस मौके पर जिला मिशन प्रबंधक संतोष कुशवाहा, विप्लव भूषण, डॉ. नंदकिशोर साह और प्रशिक्षु महिलाएं मौजूद थीं।
मीटर रीडिंग पर मिलेंगे साढ़े पांच रुपये
विद्युत सखी को रीडिंग और बिलिंग के लिए विद्युत विभाग साढ़े पांच रुपये प्रति रीडिंग के हिसाब से भुगतान करेगा। इसके लिए सखी अपना थर्मल प्रिंटर खरीदेंगी। अपने स्मार्ट फोन के ब्लू टुथ से लिंक करके मीटर की रीडिंग भर ऑनस्पाट बिल जारी करेंगी। अभी तक मीटर रीडिंग और बिल जमा करने का का अलग अलग होने से वसूली अपेक्षित नहीं हो पाती थी। अब महिलाएं ऑनस्पाट बिल जारी करने के साथ ही बकाया राशि भी उपभोक्ता से जमा कराएंगी। इससे विभाग को सीधे तौर पर अधिक राजस्व प्राप्त होगा। अभी तक जो कंपनी मीटर रीडिंग कर रही हैं, उनका अनुबंध दिसंबर 2021 तक है। अनुबंध समाप्त होते ही जनवरी 2022 में यह व्यवस्था लागू कर दी जाएगी।