सैफई। डेंगू का कहर थम नहीं रहा है। जिले में डेंगू के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। इटावा के अलावा आसपास के जिलों में भी प्रकोप बढ़ रहा है। बुधवार को 40 मरीजों की डेंगू की जांच कराई गई। इनमें नौ पॉजिटिव पाए गए। इन सभी को विभिन्न वार्डों में रखा गया है। डेंगू के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए मेडिकल यूनिवर्सिटी प्रशासन ने ओपीडी की बिल्डिंग में 100 बेड का एक और वार्ड तैयार किया है। साथ ही डॉक्टरों व पैरा मेडिकल स्टॉफ को और सक्रिय किया गया है।
सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी में अभी भी डेंगू के 30 मरीज भर्ती हैं। यहां भर्ती मरीजों में इटावा, औरैया, मैनपुरी व फिरोजाबाद जिले के हैं। 90 मरीजों को स्वस्थ होने के बाद घर भेजा जा चुका है। चिकित्साधीक्षक डॉ.आदेश कुमार ने बताया डेंगू के 120 मरीज भर्ती थे, 90 डिस्चार्ज हुए। बुधवार को 40 में सेे 9 मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर उन्हें अलग-अलग वार्ड में शिफ्ट किया गया है।
डॉ. आदेश कुमार ने लोगों को सलाह दी है कि वह अपने आसपास पानी जमा न होने दें। पूरे शरीर को ढंकने वाले कपड़े पहनें। डेंगू का मच्छर जमा हुए पानी में पनपता है और दिन के समय काटता है। शुरुआती लक्षणों में सामान्य बुखार होता है। डेंगू में 104 डिग्री सेल्सियस तक बुखार हो जाता है। लक्षण प्रकट होने पर तुरंत नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र या फिर जिला अस्पताल में पहुंचकर इलाज कराएं।
डॉक्टर की सलाह के बिना दवाओं का सेवन खतरनाक
बिना चिकित्सक की सलाह के दवाओं का सेवन खतरनाक हो सकता है। दवा लेने के बाद जैसे ही परेशानी महसूस हो तो तत्काल चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए। यह बात फार्माकोलॉजी विभाग के प्रोफेसर डॉ. आशा पाठक ने ग्राम नगला सुभान स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय में उत्तर प्रदेश ग्रामीण आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय की ओर से आयोजित स्वास्थ्य जागरूकता अभियान कार्यक्रम में कही।
उन्होंने कहा कि आम लोग साधारण दर्द होने पर दवा लेने लगते हैं। उसका शरीर पर बहुत बुरा असर पड़ रहा है। अत्यधिक दवाओं के इस्तेमाल से चक्कर आना, सिर दर्द होना, चर्म रोग सहित कई तरह की परेशानी हो सकती है। इस दौरान खंड शिक्षाधिकारी सैफई सर्वेश कुमार, ऋचा राय, कल्पना व मोहन आदि मौजूद रहे।