फोटो संख्या 24- माकपा के दो दिवसीय सम्मेलन को संबोधित करते माकपा नेता सुभाषिनी अली
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इटावा। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी पोलित ब्यूरो सदस्य व पूर्व सांसद सुभाषिनी अली ने रविवार को कहा कि झूठ और फरेब का सहारा लेकर सत्ता में आने वाली भाजपा अजेय नहीं है। भाजपा के जनविरोधी चेहरे को बेनकाब करते हुए धूल चटानी है, यही आज की बड़ी जरूरत है। पार्टी के दो दिवसीय जिला सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए कहा कि धर्म के नाम पर सांप्रदायिक ताकतें खड़ी करने वाले ये लोग सबसे ज्यादा अधर्मी हैं।
केरल की वाम मोर्चा सरकार राशन कार्ड पर 15 आवश्यक वस्तुएं सस्ती दरों पर देती है। विधवा, वृद्धावस्था पेंशन में 1700 रुपये दिए जाते हैं। केरल सरकार यह सुविधाएं दे सकती है तो योगी सरकार क्यों नहीं। माकपा राज्य सचिव मंडल सदस्य मुकुट सिंह ने कहा कि तीनों कृषि कानूनों के खिलाफ जनता को लामबंद करना होगा। इसकी शुरुआत पांच सितंबर को मुजफ्फरनगर से होगी। 25 सितंबर को भारत बंद होगा। उन्होंने लोगों से मुजफ्फरनगर रैली और भारत बंद में हिस्सा लेने की अपील की। जिलामंत्री नाथूराम यादव ने आभार व्यक्त किया। सम्मेलन स्थल का नाम अशोक वर्मा मोहिनी वर्मा स्मृति सभागार रखा गया। अध्यक्षता प्रेमशंकर यादव और संचालन अनिल दीक्षित ने किया।
तालिबान को मौका मिलना चाहिए
सुभाषिनी अली ने पत्रकार वार्ता में कहा कि अफगानिस्तान और भारत के संबंध बेहतर रहे हैं। सांप्रदायिक राजनीति की वजह से तालिबान को गाली देंगे तो वे भी रिएक्ट करेंगे। हमें सुलझे तरीके से काम करना चाहिए। तालिबान नया नहीं है। हमें उन्हें मौका देना चाहिए कि जो कह रहे हैं वह करेंगे या नहीं। ओछी राजनीति को छोड़ विदेश नीति को बेहतर बनाने के लिए सरकार को कदम उठाने चाहिए। अफगानिस्तान से आने वालों को शरण देनी चाहिए। यहां कुछ लोग तालिबान के खिलाफ माहौल बना रहे हैं। ऐसा करके हमने बांग्लादेशियों को अपने खिलाफ कर लिया। हरियाणा में किसानों पर लाठीचार्ज की घटना पर कहा कि किसानों का आंदोलन नई बात नहीं है। वहां के जो अधिकारी किसानों के सिर फोड़ने की बात कर रहे हैं, उनका निलंबन होना चाहिए।