इटावा। प्रदेश के जल शक्ति सिंचाई मंत्री डा. महेंद्र सिंह ने शुक्रवार को यमुना और चंबल के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया। चंबल से 30 गांव, यमुना से 11 गांव, क्वारी नदी से तीन गांव बाढ़ प्रभावित हैं। हवाई सर्वेक्षण के दौरान देखा गया कि कुछ गांव चारों तरफ से जलमग्न है। कुछ गांवों के तीन तरफ पानी है। हवाई सर्वेक्षण के बाद मंत्री ने जिला प्रशासन के राहत बचाव कार्यों पर संतोष जताया। कहा कि बाढ़ से हालात सामान्य होने में अभी तीन से चार दिन का समय लग सकता है।
कलक्ट्रेट सभागार में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मंत्री ने बैठक ती। जिसमें कहा कि प्रत्येक गांव के लिए अलग-अलग नोडल अधिकारी बनेंगे। जहां बिजली के खंभे पानी में डूबने से विद्युत व्यवस्था ठप है। उन क्षेत्रों में वायरलेस सेट के साथ पुलिस कर्मी तैनात करें। एनडीआरएफ व एसडीआरएफ टीम के साथ स्थानीय पुलिस तैनात रहेगी। पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था हो।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी समितियों, स्वच्छ भारत मिशन की समितियों को सक्रिय करें। दोनों तहसीलों में स्थापित किए गए कंट्रोल रूम 24 घंटे सक्रिय रहे। उन पर राउंड द क्लाक कर्मचारियों तैनात रहें। उन्होंने कहा 22 लाख क्यूसेक पानी अचानक छोड़े जाने से चंबल का जलस्तर नौ मीटर तक बढ़ गया। इसकी सूचना प्राप्त होते ही जिला प्रशासन अलर्ट हो गया और बाढ़ प्रभावित इलाकों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का प्रयास किया। इसकी मानीटरिंग लखनऊ से लगातार की जा रही है।
मंत्री ने कहा कि प्राकृतिक आपदा कभी भी आ सकती है। इससे निपटने के प्रयास किए जाए, ताकि लोग सुरक्षित रहे। बैठक के दौरान सांसद डा.राम शंकर कठेरिया ने बताया कि तहसील चकरनगर के प्रभावित गांव ढकरा का रास्ता बहुत खराब है। इससे वहां के लोगों को आवागमन दिक्कत हो रही हैं। हरौली गांव काफी नीचे है। वहां स्थायी रूप से कोई व्यवस्था की जाए। जिन गांव में लोग गृहस्थी का सामान लेकर छतों पर बैठे हैं। उन लोगों को पुलिस की मदद से छतों से उतार कर सुरक्षित स्थान पर लाया जाए। बैठक में प्रदेश के राहत आयुक्त रणवीर प्रसाद, डीएम श्रुति सिंह, एसएसपी डा.बृजेश कुमार सिंह, एडीएम जय प्रकाश, प्रभारी सीडीओ दीनदयाल वर्मा, सीएमओ डॉ.भगवानदास, सीवीओ डॉ. विनीत कुमार, डीपीआरओ यतेंद्र कुमार मौजूद रहे।
जनप्रतिनिधियों ने भी रखी बात
सदर विधायक सरिता भदौरिया, भरथना विधायक सावित्री कठेरिया ने भी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की समस्याओं को मंत्री के सामने रखा। साथ ही उनका निराकरण किए जाने की बात भी कही। बैठक में भाजपा जिलाध्यक्ष अजय धाकरे भी मौजूद रहे।
गांवों में चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाएं
डीएम श्रुति सिंह ने बताया कि बाढ़ प्रभावित सभी गांवों के लिए दो प्रकार की 250-250 राशन किट भेजी जा रही है। इसमें 10 किलो आटा, 10 किलो चावल, 10 किलो आलू, दो किलो दाल के साथ हल्दी, मिर्च ,नमक आदि शामिल है। दूसरी किट में दवाएं, ब्लीचिंग पाउडर हैं। सीएमओ को निर्देश दिए गए हैं कि प्रभावित गांव में लोगों चिकित्सा सुविधा मुहैया उपलब्ध कराएं।
चकरनगर में समाधान दिवस आज
इटावा। शनिवार को तहसील चकरनगर में डीएम श्रुति सिंह की अध्यक्षता मे संपूर्ण समाधान दिवस आयोजित होगा। सभी संबंधित जिला स्तरीय अधिकारी पहुंचेंगे। समाधान दिवस में लोग अपनी समस्याएं व शिकायतें डीएम के सामने रख सकते हैं।