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पेपर खराब होने की आशंका पर बीएससी के छात्र ने की खुदकुशी 11

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मृतक छात्र आशुतोष की फाइल फोटो - फोटो : ETAWAH
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सैफई। थाना क्षेत्र के हैवरा कोठी स्थित एक मकान में किराये पर रहने वाले बीएससी एग्रीकल्चर प्रथम वर्ष के छात्र ने पंखे पर अंगौछे के सहारे फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
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चार्जर लेने छात्र के कमरे में गए दोस्त ने खिड़की से झांकर अंदर देखा तो छात्र का शव फंदे पर लटका था। दोस्त ने सूचना उसके परिजनों, मकान मालिक व कॉलेज स्टाफ को दी। पुलिस व दोस्त के मुताबिक मृतक के दो पेपर खराब हो गए थे। इस कारण वह परेशान था।
सीतापुर के थाना रामपुर, ताजपुर गांव निवासी किसान रमाधार यादव का बेटा आशुतोष (21) सैफई के हैवरा गांव स्थित चौधरी चरण सिंह पीजी कॉलेज में बीएससी एग्रीकल्चर प्रथम वर्ष का छात्र था। वह हैवरा कोठी कस्बा स्थित नेशू यादव के मकान में किराये पर रहता था।
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दोस्तों ने बताया कि 21 अगस्त से परीक्षा हुई थी। दो पेपर खराब होने की आशंका पर आशुतोष परेशान था। इसके चलते उसने रविवार रात को कमरे में पंखे से अंगौछे के सहारे फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
इसी बीच अभिषेक नाम का दोस्त उसके कमरे में मोबाइल का चार्जर लेने पहुंचा तो कमरा अंदर से बंद था। उसने खिड़की से अंदर झांककर देखा तो आशुतोष का शव फंदे पर लटक रहा था।
मकान मालिक की सूचना पर पहुंची पुलिस ने आशुतोष के दोस्तों व मकान मालिक से पूछताछ की। पुलिस के पहुंचने से पहले दोस्तों ने छात्र के शव को फंदे से उतारकर तख्त पर रख दिया था।
सीओ सैफई साधुराम ने आशुतोष के दोस्तों से पूछताछ की। फोरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य एकत्र किए। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। सोमवार सुबह मृतक का बड़ा भाई अंकुर व पिता परिजन समेत पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे।
सीओ सैफई ने बताया कि प्राथमिक जांच में पेपर खराब होने की वजह से छात्र के फांसी लगा लेने की जानकारी हुई है। चार्जर लेने गए अभिषेक नाम के एक दोस्त ने आशुतोष को फंदे पर लटका देखा था। तहरीर मिलने पर मामले में कार्रवाई की जाएगी।
एक माह पहले घर गया था आशुतोष
बड़े भाई अंकुर ने बताया कि परिवार में मां आशा देवी, चार बहनें हैं। पिता किसानी करते है। आशुतोष पांचवें नंबर पर था। वह करीब एक माह पहले सीतापुर आया था। तब उसने किसी भी परेशानी का जिक्र नहीं किया था। आशुतोष ने खुद को बीएससी एग्रीकल्चर में द्वितीय वर्ष में प्रवेश करने की बात कही थी। कॉलेज आने पर जानकारी हुई कि 21 अगस्त से उसने प्रथम वर्ष की परीक्षा दी। दो पेपर खराब होने की आशंका पर वह इन दिनों परेशान था।
नहीं लगी ऑनलाइन क्लासेस
पीजी कॉलेज के छात्रों का आरोप है कि कॉलेज में ऑनलाइन क्लास नहीं चली। जबकि फीस जमा करा ली गई थी। अगस्त में परीक्षा शुरू हुई। बिना पढ़े परीक्षा देने से अधिकतर छात्र परेशान है और फेल होने की आशंका सता रही है। आशुतोष ने फेल होने के डर से खुदकुशी की।
ऑनलाइन चली क्लासेस हुई पढ़ाई
चौधरी चरण सिंह पीजी कॉलेज के प्राचार्य फतेह बहादुर सिंह ने बताया कि पिछले साल कॉलेज में एडमीशन लेने वाले छात्रों की क्लासेस मार्च तक चली। लेकिन कोरोना के चलते फिर से इस साल लॉकडाउन लगा। इसके बाद शासन के आदेशानुसार ऑनलाइन क्लासेस लगी, जो छात्र-छात्राएं पढ़ाई में इच्छुक होते थे वह ऑनलाइन क्लासेस में जुड़ते थे, जिनको नहीं पढ़ना होता था, वह नहीं जुड़ते थे। आशुतोष बीएससी एग्रीकल्चर से प्रथम वर्ष का छात्र था। उसने पांच पेपर दिए है। लेकिन अभी रिजल्ट नहीं आया है। छात्र का स्वभाव सही था।
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