इटावा। छत्रपति शाहूजी महाराज विवि कानपुर ने पर्यावरण की परीक्षा का शेड्यूल बदल दिया। इस कारण परीक्षा देने कॉलेज पहुंचे सैकड़ों छात्रों की परीक्षा छूट गई।
इसकी जानकारी पर उत्तेजित छात्रों ने शहर के मुख्य मार्ग पक्का तालाब रोड पर जाम लगा हंगामा शुरू कर दिया। सूचना पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में महाविद्यालय प्रशासन ने विवि रजिस्ट्रार से बात की। जिसमें रजिस्ट्रार के 15 अगस्त से पहले परीक्षा कराने के आश्वासन दिया। इस पर छात्रों ने डेढ़ घंटे बाद जाम खोला।
रविवार को बीए, बीकॉम और बीएससी के छात्रों की पर्यावरण विषय की परीक्षा थी। प्रवेश पत्र में सुबह 8 से साढ़े 10 और दोपहर 2 बजे से साढ़े 3 बजे दो पालियों में परीक्षा का समय दिया गया था।
विवि प्रशासन ने 23 जुलाई को अचानक परीक्षा कार्यक्रम संशोधित कर दिया। दोपहर वाली परीक्षा सुबह 11 बजे से साढ़े 12 बजे तक कर दी। इसकी सूचना बहुत से छात्र छात्राओं को नहीं मिल सकी।
केके महाविद्यालय में 500 छात्र छात्राओें को पर्यावरण विषय की परीक्षा देनी थी। उसमें से 295 की परीक्षा शेडयूल परिवर्तन के कारण छूट गई। छात्र जब परीक्षा केंद्र पहुंचे तो उनसे कहा गया परीक्षा हो गई है।
आप लोग वापस जाएं। इस पर छात्र महाविद्यालय में हंगामा करने लगे। यह देख परीक्षा विभाग से जुड़े महाविद्यालय के सभी जिम्मेदार मौके से खिसक गए। नाराज छात्रों ने केके कालेज के गेट के सामने जाम लगाकर नारेबाजी शुरू कर दी।
चौकी इंचार्ज ने हड़काया
नौरंगाबाद चौकी इंचार्ज सोनवीर सिंह जाम की सूचना पर पहुंचे। उन्होंने देखा महाविद्यालय में परीक्षा प्रभारी और प्राचार्य कोई नहीं है। इसके बाद उन्होंने प्राचार्य को फोन किया। प्राचार्य अरुण वर्मा और परीक्षा प्रभारी डा मनोज गुप्ता महाविद्यालय पहुंचे।
प्रभारी निरीक्षक कोतवाली जितेंद्र प्रताप सिंह भी पहुंचे। इसके बाद छात्रों के साथ वार्ता हुई। प्राचार्य ने विवि में परीक्षा नियंत्रक और रजिस्ट्रार से बात की। रजिस्ट्रार के आश्वासन के बाद छात्र मान गए।
बकेवर में भी छात्रों की छूटी परीक्षा
बकेवर। पर्यावरण विषय की परीक्षा छूट जाने से छात्र परेशान रहे। स्नातक के एक अतिरिक्त विषय के रूप में पर्यावरणीय अध्ययन ( एनवायरनमेंट स्टडीज) है। जिसका एक पेपर स्नातक के छात्र छात्राओं को तीन साल में एक बार देना होता है।
जनता कॉलेज बकेवर में करीब 20 से अधिक छात्र छात्रों की, तो राज बहादुर डिग्री कॉलेज लखना में 43, नित्यानंद महाविद्यालय में भी करीब 25 बच्चों की परीक्षा छूट गयी।
जनता कॉलेज बकेवर बीएससी द्वितीय वर्ष की छात्रा सोनम जब दोपहर एक बजे पेपर देने पहुंची, तो उस समय परीक्षा खत्म भी हो चुकी थी। छात्रा काफी देर तक परेशान रही एक सोनम नही परीक्षा छूटने से दर्जनों छात्र परेशान रहे। प्राचार्या डा.नलिनी शुक्ला ने बताया कि ये परिवर्तन कानपुर विश्वविद्यालय परीक्षा विभाग ने किया था।
एक साल पुराने पेपर से करा दी परीक्षा
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम से हटकर रविवार को हुई परीक्षा हुई परीक्षा में छात्र छात्राओं को वर्ष 2020 का बना प्रश्न पत्र ही दे दिया गया। पर्यावरणीय अध्ययन के प्रश्नपत्र पर स्पष्ट लिखा है वर्ष 2020।
यही नहीं प्रश्नपत्र पर हल करने का समय बाकायदा दो घंटे अंकित है। अभी इस साल हो रहे सभी पेपरों के हल करने समय मात्र डेढ़ घंटे यानी 90 मिनट का हैं।