इटावा। गरीब बेटियों की शादी के लिए संचालित मुख्यमंत्री शादी अनुदान योजना की अफसर अनदेखी कर रहे हैं। आलम यह है कि नगर निकायों में आए आवेदनपत्रों की जांच ही नहीं की जा रही है।
ऐसे में शादी अनुदान समय से मिले भी तो कैसे। शुक्रवार को डीएम श्रुति सिंह ने कलक्ट्रेट सभागार में अनुसूचित जाति, सामान्य वर्ग, अल्पसंख्यक वर्ग एवं पिछड़ा वर्ग के गरीब व्यक्तियों की पुत्रियों की शादी अनुदान योजना की समीक्षा की।
उन्होंने पाया कि 1 अप्रैल के बाद से नगर निकायों में 166 आवेदन भेजे गए, जिसमें 157 आवेदन पत्र जांच के लिए लंबित हैं यानी छह माह में सिर्फ 9 आवेदनों की जांच की गई।
इसी प्रकार सभी विकास खंडों में 1527 आवेदन पत्र आए, जिसमें 1221 आवेदन पत्र लंबित है। इस पर डीएम ने नाराजगी जताते हुए सभी एसडीएम और बीडीओ को निर्देश दिए कि एक सप्ताह के अंदर लंबित आवेदनों का सत्यापन कर उपलब्ध करा दें।
इसमें लापरवाही पर कार्रवाई की जाएगी। इस अवसर पर एडीएम जयप्रकाश, जिला समाज कल्याण अधिकारी रविंद्र कुमार शशि भी मौजूद रहे।
यह है आवेदन की प्रक्रिया
मुख्यमंत्री शादी अनुदान योजना में आनलाइन आवेदन किए जाते हैं। ग्रामीण क्षेत्र का आवेदन बीडीओ और कस्बाई क्षेत्रों के आवेदन नगर पालिका अथवा नगर पंचायतों के पोर्टल पर सीधे अपलोड किए जाते हैं। यहां से पात्रता की जांच करके समाज कल्याण विभाग को आनलाइन ही भेजा जाता है। इसके बाद ही धनराशि संबंधित पात्रों के खातों में भेजी जाती है। इस योजना में 20 हजार रुपये अनुदान दिया जाता है।