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बेसहारा बच्चों की देखभाल करने वाले परिवारों को मिलेगा अनुदान

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इटावा। भरथना ब्लॉक सभागार में ब्लॉक बाल संरक्षण समिति व टास्क फोर्स समिति की बुधवार को संयुक्त बैठक हुई, जिसकी अध्यक्षता खंड विकास अधिकारी राजेश कुमार मिश्रा ने की। ग्राम सभा स्तर के ऐसे परिवारों का चयन किया जाना है जो कि बेसहारा शिशु, बालक या बालिका का पालन पोषण कर सकें। इसके लिए उनकों देखरेख के लिए दो हजार रुपये प्रतिमाह अनुदान दिए जाने का प्रावधान है।
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बैठक में बाल संरक्षण अधिकारी सोहन गुप्ता ने कहा कि प्रवर्तकता कार्यक्रम के अनुदान से विषम परिस्थितियों में रह रहे बच्चे अपनी शिक्षा, स्वास्थ्य व अन्य अनुपूरक आवश्यकताओं की पूर्ति घर में रहकर कर सकते हैं। उन्हें बाल श्रम करने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने किशोर न्याय (बालकों की देखरेख संरक्षण) अधिनियम, 2015 नियमावली 2016 के अन्तर्गत प्रवर्तकता कार्यक्रम व फॉस्टर केयर योजना की जानकरी दी। बताया कि ऐसे परिवार जो आर्थिक संसाधनों से अभावग्रस्त हैं, उनका व उनके बच्चों का किसी प्रकार से शोषण नहीं हो सकता है। जो बच्चे गरीबी के कारण बार-बार घर से भागने के बाद संस्थागत देखरेख में आ जाते हैं और गरीबी के कारण वह घर वापस नहीं जाना चाहते, ऐसे बच्चों को चिह्नित कर अनुदान धनराशि दो हजार रुपये प्रतिमाह की दर से प्रति परिवार दो बच्चों को दिए जाने का प्रावधान है। प्रवर्तकता कार्यक्रम में अलग-अलग गांवों से बाल संरक्षण समिति द्वारा चार बच्चों का अनुमोदन किया गया। बच्चों को लाभ दिलाने के लिए ब्लॉक बाल संरक्षण समिति भरथना के समक्ष पेश किया गया। जिला समन्वयक अजित कुमार दुबे ने पोक्सो एक्ट के बारे में विस्तृत रूप से जानकारी दी। कहा यौन हिंसा से पीड़ित बच्चों को पूर्ण रूप से सुरक्षित करने व अलग-अलग धाराओं में सजा का प्रावधान किया गया है। बैठक में खंड विकास अधिकारी, बाल विकास परियोजना अधिकारी बेबी यादव, सहायक विकास अधिकारी पंचायत अनिल कुमार वाजपेयी, सहायक बेसिक शिक्षा अधिकारी, बाल संरक्षण विशेषज्ञ सम्मों, चिकित्साधिकारी, बाल कल्याण पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।
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