फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

खून में ग्लूकोज की मात्रा बढ़ने से होता मधुमेह

विज्ञापन
विज्ञापन
इटावा। विश्व मधुमेह दिवस हर साल 14 नवंबर को मनाया जाता है। इसे मनाने का उद्देश्य लोगों में मधुमेह रोग के प्रति जागरुकता लाना है। मधुमेह बीमारी में अग्नाशय पर्याप्त इंसुलिन का उत्पादन नहीं कर पाता या प्रभावी ढंग से इंसुलिन का उपयोग नहीं हो पाता, इससे रक्त में ग्लूकोज की मात्रा बढ़ जाती है, और व्यक्ति मधुमेह से पीड़ित हो जाता है।
विज्ञापन

जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. वीके साहू ने बताया कि वर्ल्ड डायबिटीज डे 2021 की थीम, मधुमेह देखभाल तक पहुंचे, जिसमें इंसुलिन की खोज के 100 साल बाद दुनियाभर में मधुमेह (डायबिटीज) से पीड़ित मधुमेह की ठीक से देखभाल नहीं कर पाते।
मधुमेह से होने वाली जटिलताओं के संदर्भ में जागरूक होना जरूरी है। डॉ. साहू ने बताया कि मधुमेह चिकित्सा का उद्देश्य है। रक्त में शुगर की मात्रा सामान्य रखना। ध्यान रहे स्वस्थ जीवन शैली अपनाने से मधुमेह होने का खतरा कम रहता है।
विज्ञापन

मधुमेह किसी भी उम्र में हो सकता है, यह दो प्रकार का होता है। बताया कि टाइप वन मधुमेह बचपन और युवावस्था में होता है, जिसे टाइप वन मधुमेह के नाम से जाना जाता है।
इस प्रकार के मधुमेह में अग्नाशय ग्रंथि में बहुत कम इंसुलिन बनती है या उत्पन्न नहीं होती, तब रक्त में ग्लूकोज के नियंत्रण के अलावा जीवित रहने के लिए इंसुलिन लेना पड़ता है।
टाइप टू मधुमेह में इंसुलिन की मात्रा कम होती है या शरीर इंसुलिन की मात्रा का इस्तेमाल नहीं कर पाता, इसमें शरीर में इंसुलिन बनती तो है, लेकिन कम मात्रा में।
कई बार वह इंसुलिन अच्छे से काम नहीं कर पाता, तब टाइप टू मधुमेह होता है। टाइप टू डायबिटीज उचित खानपान न होने के कारण या अनियमित दिनचर्या और आहार में अत्यधिक मीठा के सेवन करने से होती है।
ये हैं मधुमेह के लक्षण
मधुमेह होने के कारण उच्च कोलेस्ट्रॉल, इंसुलिन की कमी, सही खानपान न होना, शारीरिक काम की कमी, ड्रग्स, स्मोक, शराब का अत्यधिक सेवन अनुवांशिकता भी होती है।
मधुमेह में अक्सर देखा जाता है, अत्यधिक भूख लगना, अधिक नींद आना, प्यास ज्यादा लगना, पेशाब ज्यादा लगना, किसी घाव को भरने में बहुत अधिक समय लगना, शरीर के कुछ भागों का सुन्न होना अथवा झिनझिनी महसूस होना, आंख में कम दिखाई देना, जल्दी थकान होना, अचानक से वजन का कम होना जैसे लक्षण सामान्य हैं।
मधुमेह रोगी क्या करें
मधुमेह रोगी को अपनी दिनचर्या और खानपान में बदलाव लाना जरूरी है। मधुमेह रोगी पर्याप्त छह से सात घंटे नींद लें। संतुलित आहार लें, योग प्राणायाम और मॉर्निंग वॉक करें। डाक्टर की सलाह समय-समय पर जरूर लें।
खानपान पर विशेष ध्यान दें। आहार में हाई ग्लाइसेमिक इंडेक्स भोज्य पदार्थों का प्रयोग न करें। करेला, मेथी, आमला, जामुन, अमरूद का सेवन मधुमेह रोगी कर सकते हैं। तुलसी के पत्ते, दालचीनी, ग्रीन टी का सेवन भी प्रतिदिन करें।
विज्ञापन

क्या न करें
मधुमेह रोगी ज्यादा देर तक खाली पेट न रहें, भोजन थोड़ी-थोड़ी मात्रा में कई बार लें और वसायुक्त पदार्थ मिठाइयां फास्ट फूड से परहेज करें।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें