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फर्रुखाबाद जेल के सजायाफ्ता कैदी की मौत, हत्या का आरोप

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सैफई। मेडिकल यूनिवर्सिटी में भर्ती फर्रुखाबाद जेल के सजायाफ्ता कैदी संदीप सिंह (28) की उपचार के दौरान मौत हो गई। परिजनों ने फर्रुखाबाद जेल के अफसरों पर संदीप की पीटकर हत्या करने का आरोप लगाया है।
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पुलिस ने कैदी के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। संदीप डेंगू वार्ड में भर्ती था। रविवार को डाक्टरों के पैनल ने पोस्टमार्टम कर वीडियोग्राफी भी कराई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट पुलिस अपने साथ ले गई।
फर्रुखाबाद के मेहापुर थाना क्षेत्र के विरायमपुर गांव निवासी रणवीर सिंह के बेटे संदीप (28) की शादी फरवरी 2011 में चंदा देवी के साथ हुई थी। भाई कौशलेंद्र के मुताबिक, चंदा देवी ने निजी कारणों से मार्च 2012 में आग लगाकर जान दे दी थी।
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मामले में फर्रुखाबाद के पृथ्वीपुर क्षेत्र के महबूब दरवाजा निवासी चंदा के पिता अरविंद सिंह ने संदीप व अन्य के खिलाफ दहेज हत्या और उत्पीड़न की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मामले में कोर्ट ने 28 नवंबर 2016 को संदीप को उम्रकैद की सजा सुनाई थी।
तब से संदीप फर्रुखाबाद जेल की बैरक संख्या नौ ए में बंद था। भाई के मुताबिक, पांच नवंबर को जेल से फोन आने और संदीप की तबीयत ज्यादा खराब होने की जानकारी पर जेल पहुंचे और पुलिस अभिरक्षा में सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी में भर्ती कराया गया।
भाई के मुताबिक, अस्पताल में संदीप बोल नहीं पा रहा था। इशारा कर केवल अपने शरीर के चोटों के निशान दिखा रहा था। परिजनों का आरोप है कि जिला जेल में उसके भाई को पीटा गया। उसके बाद हालत बिगड़ने पर जिला जेल से मेडिकल यूनिवर्सिटी सैफई में भर्ती कराया गया।
यूनिवर्सिटी में भी संदीप के इलाज में लापरवाही बरती गई। शनिवार को देर शाम उसकी मौत हो गई। उधर, संदीप की अस्पताल में मौत की खबर जेल में बंदियों तक पहुंची, तो वह आक्रोशित हो गए।
साथी बंदी की मौत से नाराज बंदियों ने जेल में हंगामा किया। जेल के अफसरों के साथ मारपीट की। पथराव भी किया। पुलिस व जेल प्रशासन को हालात पर काबू पाने के लिए फायरिंग भी करनी पड़ी।
सूचना पर इटावा में भी बरती गई सतर्कता
सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी में कैदी संदीप सिंह की मौत की खबर के बाद फर्रुखाबाद प्रशासन ने जिला प्रशासन को घटनाक्रम से अवगत कराया। साथ ही सतर्कता बरतने को कहा।
मेडिकल यूनिवर्सिटी व पोस्टमार्टम हाउस में किसी तरह का बवाल न हो सके, इसको देखते हुए सतर्कता बढ़ा दी। सैफई सीओ विजय सिंह व थाना प्रभारी तारिक खान फोर्स संग अस्पताल व पोस्टमार्टम हाउस में डटे रहे।
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नायब तहसीलदार सूरज प्रताप ने पंचायतनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
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