इटावा। आगरा के सेवानिवृत्त बीएसएनएल कर्मी हर बिलास भंडारी की हत्या का घटना के 72 घंटे के भीतर बुधवार को बढ़पुरा थाना पुलिस ने खुलासा कर दिया। हर बिलास के गांव की एक महिला ने अपने दूसरे पति व भाई के साथ साजिश के तहत 20 हजार रुपये के लेनदेन के विवाद में घर बुलाकर उसकी हत्या कर दी थी।
इसके बाद आरोपियों ने हर बिलास के कपड़ों से 30 हजार रुपये भी निकाल लिए थे। बाद में हर बिलास के शव व उसकी स्कूटी को बढ़पुरा थाना क्षेत्र के अनारी गांव में फेंक कर आरोपी फरार हो गए थे। बुधवार को दोपहर बाद पुलिस ने आरोपियों को कोर्ट में पेश किया। वहां से तीनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
एसपी सिटी प्रशांत कुमार प्रसाद ने अपने कार्यालय में प्रेस कांफ्रेस के दौरान बताया कि बढ़पुरा क्षेत्र के अनारी गांव के कच्चे रास्ते पर 23 मई को स्कूटी से दबे एक व्यक्ति का शव मिला था। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने स्कूटी के चेचिस नंबर से मृतक की शिनाख्त आगरा के रामनगर शहगंज निवासी हर बिलास के रूप में हुई थी। इस मामले में हर बिलास के बेटे ने अज्ञात के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
बकौल एसपी बुधवार को बढ़पुरा थाना पुलिस ने पछायगांव थाना क्षेत्र के सुरेखीपुरा गांव निवासी रविंद्र जाटव, उसकी पत्नी कमलेश देवी व नरीपुरा शाहगंज आगरा निवासी साले सोनू जाटव उधन्ना गांव को पकड़ा। इन लोगों ने पूछताछ में हर बिलास की हत्या का सच उगल दिया। कमलेश ने बताया कि हरबिलास मायके के पास रहते थे। वहीं से उसकी पहचान हर बिलास से थी। उसने हर बिलास से तीन फीसदी ब्याज पर 20 हजार रुपये उधार लिए थे।
अब उसे 30 हजार रुपये की और जरूरत थी, लेकिन हर बिलास कह रहा था कि पहले का कर्ज चुकाओ तब और उधार देंगे। इस पर उन लोगों ने 30 हजार रुपये लेकर हर बिलास को बहाने से 22 मई को सुरेखीपुरा गांव अपने घर बुलाया। इसके बाद पीटकर उसकी हत्या कर दी। उसके कपड़ों में रखे 30 हजार रुपये भी लूट लिए थे।
रात में सभी ने मिलकर हर बिलास के शव को उसी की स्कूटी पर रखा और कृष्णा नगर से अवारी जाने वाले कच्चे मार्ग पर स्कूटी छोड़ कर भाग गए थे। उसके कपडे़, जूते, मोबाइल को जला दिया था। स्कूटी की नंबर प्लेट को जला कर मिट्टी में दबा दी थी। एसपी के मुताबिक हत्यारोपियों के पास से हर बिलास से लूटे गए रुपयों में 17,300 रुपये, मोबाइल के जले हुए अवशेष व स्कूटी की टूटी व जली हुई नंबर प्लेट बरामद की गई है।
--
रविंद्र है दूसरा पति
कमलेश की पहले पति की करीब तीन साल पहले मौत हो गई थी। इसके बाद उसने रविंद्र से दूसरा ब्याह किया था। इस वक्त वह रविंद्र के साथ उसी के घर में रहती थी। ससुराल में ही कमलेश ने पति व भाई के साथ हर बिलास की हत्या को अंजाम दिया।