इटावा। प्रदेश सरकार ने एक माह में सड़कों को गड्ढा मुक्त करने का फरमान पीडब्ल्यूडी को दिया था, लेकिन इटावा जिले में अब तक केवल 80 फीसदी सड़कों को ही गड्ढा मुक्त किया जा सका है, जबकि सरकार के फरमान के अब मात्र तीन दिन ही शेष बचे हैं।
सवाल उठता है कि तीन के अंदर क्या सड़कों को गड्ढा मुक्त पीडब्ल्यूडी कर देगा। 30 नवंबर तक सड़कों को गड्ढा मुक्त कराने का फरमान प्रदेश सरकार ने जारी किया था।
लोक निर्माण विभाग का दावा है कि 80 प्रतिशत गड्ढे भरे जा चुके हैं, जबकि हकीकत में इन दावों में कोई दम नजर नहीं आता। ग्रामीण क्षेत्र की सड़कों में गड्ढे ही गड्ढे हैं।
बकेवर क्षेत्र की कई सड़कों पर पीडब्ल्यूडी ने गड्ढा मुक्त के तहत एक ओर पैच वर्क कर दिया, जबकि दूसरी तरफ सड़क उखड़ी पड़ी है। इसके अलावा कई अन्य सड़कें हैं, जिनको न तो गड्ढा मुक्त अभियान में शामिल किया गया, न ही लेपन कार्य कराया गया है।
कुड़रिया गांव की सिक्सलेन हाईवे से जाने वाली एक किमी लंबी सड़क पिछले कई साल से उखड़ी पड़ी है, जिससे ग्रामीणों को आवागमन में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क इतनी अधिक उखड़ी पड़ी है कि एक किमी की दूरी तय करना पांच किमी दूरी तय करने के बराबर है। इसी तरह से हिमायुपुरा गांव को जाने वाली डेढ़ किमी लंबी सड़क की गिट्टी उखड़ गई है।
काली वाली छोटी गिट्टी इक्का-दुक्का जगह पर चिपकी नजर आती है। इस सड़क पर चलने वाले रोजाना ही हादसों का शिकार भी हो रहे हैं। हिमायुपुरा गांव कुड़रिया ग्राम पंचायत का मजरा है।
कुड़रिया गांव से लेकर हिमायूपुर गांव तक जाने वाले संपर्क मार्ग की लंबाई डेढ़ किमी के करीब है। ये सड़क काफी पहले सड़क बनवाई गई थी। इसके बाद इस सड़क का न तो मरम्मत कार्य कराया गया न ही लेपन।
मतिरामपुर गांव को जाने वाले मार्ग पर पीडब्ल्यूडी द्वारा कराया गया पैच वर्क और उखड़ी पड़ी सड़क एक साथ विभाग और प्रशासन को मुंह चिढ़ा रहे हैं।
बकेवर से शेरपुर नौधना होकर अहेरीपुर को जाने वाले मार्ग पर शेरपुर गांव के आगे मतिरामपुर गांव को जाने वाले संपर्क मार्ग पर गड्ढा मुक्त अभियान के तहत कुछ जगह पैचवर्क कराया गया, लेकिन सड़क फिर भी उखड़ी पड़ी है।
गांव के ही अशर्फीलाल बताते हैं कि अभी दिवाली के बाद कुछ जगह पर मरम्मत की गई है।
सिक्सलेन हाईवे से सराय नरोत्तम गांव तक जाने वाली सड़क पर कई जगह बड़े-बड़े गड्ढे हैं। कई जगह सड़क उखड़ी पड़ी। इस मार्ग पर विभाग द्वारा गड्ढा मुक्त अभियान नहीं चलाया गया।
भरेह चकरनगर मार्ग बाढ़ के दौरान क्षतिग्रस्त होने के बाद से ध्वस्त पड़ा हुआ है। पीडब्ल्यूडी के जेई गगन कुमार ने बताया कि बाढ़ के दौरान क्षतिग्रस्त सड़क की मरम्मत का एस्टीमेट बनाकर डीएम के माध्यम से गूगल पर भी अपलोड कर दिया गया है।
धन आवंटित होते ही मरम्मत कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
इन सड़कों की दशा भी खराब
1- अछल्दा महेवा मार्ग पर स्तिथ ग्राम अहेरीपुर की सड़क को खराब हुए कई वर्ष बीत गए हैं। सरकारें आई और चली गई, तमाम दावे हुए, लेकिन हकीकत में नहीं उतर सके।
करीब एक किलोमीटर की दूरी पर दो दर्जन से अधिक बड़े-बड़े गड्ढ़े हैं, जिसमें साइकिल और बाइक सवार अधिकतर गिरते ही है। वही बड़े वाहन भी फंस जाते हैं।
2- निवाड़ीकला पेवली मार्ग को भी गड्डा मुक्त नहीं किया गया है । इस मार्ग से कुशगवा, नौगवां, नगला गुलाब सहित दर्जनों गांव जुड़ते हैं। इस मार्ग को खराब हुए भी काफी समय बीत गया है। इस सड़क पर गड्डे कम, लेकिन पूरी सड़क उखड़ ही गई है।
3-निवाड़ी कला से लुधियानी मार्ग पर ग्राम उरैंग और भरईपुर के बीच भी बड़े-बड़े गड्ढ़े हैं, जिससे जलभराव की स्थिति भी बनी रहती है। स्कूली छात्र छात्राओं को निकलने में काफी परेशानी होती है, बावजूद इसके इन गड्डों को नहीं भरवाया गया।
काम समय से होगा पूरा
जिले की सड़कों को गड्ढा मुक्त कराने के लिए आठ करोड़ के सापेक्ष चार करोड़ की धनराशि प्राप्त हुई है। काम बराबर कराया जा रहा है। प्रस्तावित सड़कों को गड्ढा मुक्त समय से करा दिया जाएगा।
- संजय कुमार गौतम, अधिशासी अभियंता, प्रांतीय खंड पीडब्ल्यूडी